माओवादी सरगना “देवजी”… झीरम ताड़मेटला रानीबोदली नरसंहार का मास्टरमाइंड, 6 करोड़ का ईनाम… देवजी का सरेंडर बड़ी कामयाबी- सीएम साय
नक्सलियों की सैन्य शाखा, पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) की पहली सशस्त्र प्लाटून बनाने का श्रेय देवजी को ही दिया जाता है।
छत्तीसगढ़ में देवजी काफ़ी सक्रिय रहा और यहाँ हुए सभी घातक नक्सली हमलों में प्रमुख रोल रहा। दंतेवाड़ा में 2010 को ताड़मेटला में हुए भीषण हमले में CRPF के 76 जवान शहीद हुए थे, जिसकी रणनीति देवजी ने ही तैयार की थी। इसी तरह झीरम घाटी में 2013 में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व (विद्याचरण शुक्ल, महेंद्र कर्मा, नंदकुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश) समेत 29 की नक्सलियों ने नृशंसता से हत्या कर दी थी। देवजी इस हमले के मुख्य योजनाकारों में से एक था। इसी तरह, बीजापुर में एक पुलिस कैंप पर हुए इस हमले में 55 जवानों की जान गई थी, जिसका नेतृत्व देवजी ने किया था।
देवजी CPI (माओवादी) की पोलित ब्यूरो और केंद्रीय समिति के सदस्य रहा। मई 2025 में नंबला केशव राव (बसवराजू) की मृत्यु के बाद देवजी को संगठन का महासचिव (General Secretary) नियुक्त किया गया था।



