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गृहमंत्री शाह के आने से ठीक पहले नक्सलियों की ओर से युद्धविराम की पेशकश… वायरल चिट्ठी में कहा- हमारे 400 लोग मारे गए, शर्तों के साथ बातचीत को तैयार

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे से ठीक पहले नक्सलियों की तरफ से युद्धविराम की पेशकश कर दी गई है। सीपीआई (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी के प्रवक्ता अभय की ओर से जारी की गई चिट्ठी में तत्काल युद्ध विराम और शांति वार्ता की मांग की गई है। इस चिट्ठी माओवादियों के प्रवक्ता ने खुद स्वीकार किया कि पिछले कुछ महीनों में 400 से ज्यादा नक्सली मारे गए हैं। सेंट्रल कमेटी ने आदिवासियों के खिलाफ हिंसा का आरोप लगाते हुए भारत सरकार से आग्रह किया है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में चलाए जा रहे ऑपरेशन कगार को रोका जाए। हालांकि युद्ध विराम और शांति की पेशकश के साथ-साथ नक्सलियों की ओर से शर्तें भी रखी गई हैं।

नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी के प्रवक्ता की ओर से जारी पत्र में युद्ध विराम और शांति वार्ता की अपील की गई है। नक्सलियों ने प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों की ओर से की जा रही कार्रवाई को युद्ध का नाम दिया है। नक्सलियों की ओर से कहा गया है कि भारत सरकार द्वारा माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर एक गहन आपरेशन चला रही हैं, जिसके कारण 400 नक्सली मारे गए हैं, जिनमें कई कमांडर हैं। बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां की गई हैं। पकड़े गए लोगों को भी यातनाएं देकर मारा गया है। इसलिए नक्सलियों ने दोनों ओर के युद्धविराम की अपील की है।

नक्सलियों की ओर से जो शर्तें रखी गई हैं, उनमें प्रभावित आदिवासी क्षेत्रों से सुरक्षा बलों की तत्काल वापसी शामिल है। माओवादियों की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नई सैन्य तैनाती बंद कर दी जाए। साथ ही, आतंकवाद विरोधी अभियानों को रोका जाए और कैंप नहीं खोले जाएं। इस मामले में सीपीआई (माओवादी) ने जनता से समर्थन मांगा और कहा कि बुद्धिजीवियों को शांति वार्ता के लिए सरकार पर दबाव बनाना चाहिए तथा बातचीत के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान छेड़ा जाना चाहिए। नक्सलियों की ओर से कहा गया है कि प्रभावित इलाकों में सरकार जैसे ही सैन्य अभियान बंद करेगी, उनकी तरफ से युद्ध विराम की घोषणा कर दी जाएगी।

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