एआई समिट में भारतीय यूनिवर्सिटी ने चीनी रोबोट को अपना बता दिया… विवाद की गूंज देश से विदेश तक, यूनिवर्सिटी को समिट से हटाया
“ नाम का एक रोबोटिक डॉग प्रदर्शित किया था। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें यूनिवर्सिटी की प्रतिनिधि इसे अपना इन-हाउस इनोवेशन (खुद बनाया हुआ) बता रही थीं। टेक एक्सपर्ट्स और नेटिज़न्स ने जल्द ही पहचान लिया कि यह रोबोट वास्तव में चीनी कंपनी Unitree Robotics का Go2 मॉडल है, जिसकी कीमत लगभग 2-3 लाख रुपये है और यह ऑनलाइन आसानी से उपलब्ध है।
यह समिट 17 फरवरी को शुरू हुई और समापन आज 18 फरवरी को है। चीनी रोबोट का खुलासा होने और विवाद बढ़ने के बाद, सरकारी सूत्रों के अनुसार गलगोटिया यूनिवर्सिटी को समिट के एक्सपो एरिया से तुरंत हटने (Vacate) का आदेश दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार उनके पवेलियन की बिजली भी काट दी गई है। यूनिवर्सिटी ने बाद में स्पष्ट किया कि उन्होंने इसे बनाने का दावा कभी नहीं किया था और यह छात्रों के सीखने के लिए एक ‘लर्निंग टूल’ के रूप में लाया गया था। प्रोफेसर नेहा सिंह ने कहा कि उनके बयान को गलत समझा गया है।
विपक्ष के नेता राहुल गांधीऔर कांग्रेस पार्टी ने इस घटना को भारत के लिए “शर्मनाक” बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि समिट में चीनी उत्पादों को भारतीय बताकर पेश किया जा रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर देश की छवि को नुकसान पहुँच रहा है। देश के आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुरुआत में इस रोबोट का वीडियो शेयर किया था, लेकिन विवाद के बाद उन्होंने वह पोस्ट डिलीट कर दी है।



