छत्तीसगढ़ में एसआईआर (SIR) कल 4 नवंबर से… घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ, सबके लिए दस्तावेज़ ज़रूरी नई… पहचान के लिए 13 आईडी मान्य
छत्तीसगढ़ में मतदाताओं की पहचान के लिए एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण या Special Intensive Revision) बुधवार 4 नवंबर से शुरू होकर 4 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान निर्वाचन आयोग के अधीन नियुक्त किए गए बीएलओ घर-घर पहुंचेंगे और एक फार्म देंगे। उस फार्म को भरने के साथ साथ 2-4 प्रतिशत मतदाताओं से जरूरी दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। चुनाव आयोग ने एसआईआर के लिए 13 दस्तावेजों को मान्यता दी है। बीएलओ जिस दिन फार्म देंगे, उसके अगले दिन इसे कलेक्ट करने के लिए भी घर तक आएंगे। 4 दिसंबर तक सारे फार्म कलेक्ट कर लिए जाएंगे। इसके बाद 7 दिसंबर को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन कर दिया जाएगा। इस पर दावा आपत्ति का समय भी दिया जाएगा।
बता दें कि छत्तीसगढ़ में 2003 में भी विशेष गहन पुनरीक्षण हो चुका है। अब तक जो जानकारी आ रही है, उसके मुताबिक एसआईआर में सबसे पहले यह देखा जाएगा कि इनमें से कितने नाम एक जनवरी 2003 की अंतिम गहन पुनरीक्षित मतदाता सूची में शामिल हैं। ऐसे मतदाता, जिनके नाम 2003 के एसआईआर में शामिल हैं, उन्हें कोई दस्तावेज नहीं दिखाना होगा। उन्हें सिर्फ अपनी प्रविष्टियों (डिटेल) की पुष्टि करनी है और गणना प्रपत्र भरकर जमा करना है। वे मतदाता जिनके माता या पिता में से कोई भी एक एक जनवरी 2003 तक वोटर लिस्ट में शामिल रहा है, उन्हें भी नामांकन के लिए कोई दस्तावेज नहीं देना होगा, भले ही उसका जन्म 1987 के पहले हुआ हो या बाद में। उन्हें सिर्फ माता-पिता का एपिक नंबर बताना होगा।
नए वोटर के लिए आधार ही पर्याप्त नहीं
नए युवा वोटर और ऐसे वोटर्स जिन्हें अपनी डेट ऑफ बर्थ और बर्थ प्लेस से संबंधित दस्तावेज जमा कराना है, अगर वह एनुमरेशन फार्म के साथ केवल आधार की कॉपी जमा कराते हैं तो ऐसे फार्म मान्य नहीं होंगे। वोटर को अपनी डेट ऑफ बर्थ और बर्थ प्लेस को प्रमाणित करने के लिए आधार के अलावा मान्य किए गए अन्य दस्तावेजों में से कोई ना कोई देना होगा।



