आज की खबर

10 एकड़ से ज़्यादा वाले 4 लाख किसानों को डबरी बनाने में मदद… प्रदेश में 31 मई तक 10 लाख वाटर बॉडी का टारगेट

छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार आने वाले तीन माह यानी 31 मई तक प्रदेश में जल संरचनाएं बनाने और मौजूदा जल संरचनाओं जैसे डबरी, तालाब, झील, नदी-नालों को दुरुस्त कर 10 लाख वाटर बॉडी तैयार करने पर काम शुरू कर रही है। खास बात यह है कि विशेष पहल के तहत 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले चार लाख से अधिक किसानों को अपने खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल और सीएम साय की संयुक्त अध्यक्षता में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान यह बात सामने आई है।“जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा के लिए हुई इस वीसी में सीएम के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।

इस वीसी में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में 31 मई तक 10 लाख जल संरचनाओं के लक्ष्य से जल सुरक्षा को नया आधार मिलेगा। नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित वीसी में प्रदेश में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की वर्चुअल समीक्षा बैठक में बिलासपुर, दुर्ग और सूरजपुर जिले के कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

सीएम साय ने बताया कि जल संरक्षण अभियान के पहले चरण में छत्तीसगढ़ ने देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा विभिन्न जिलों को भी अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिले। प्रदेश में वर्तमान में 5 क्रिटिकल और 21 सेमी-क्रिटिकल भू-जल ब्लॉक चिन्हित हैं। वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में इनमें से 5 ब्लॉकों में भू-जल निकासी में कमी और भू-जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभियान के दूसरे चरण “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” के अंतर्गत तकनीक आधारित और अधिक परिणाममूलक रणनीति अपनाई जा रही है। राज्य सरकार ने 31 मई 2026 तक 10 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर एक विशेष पहल के तहत 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले चार लाख से अधिक किसानों को अपने खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस कार्य में जिला प्रशासन के साथ-साथ औद्योगिक समूहों का सहयोग भी लिया जा रहा है। इन डबरियों से भू-जल स्तर में वृद्धि के साथ किसानों को सिंचाई एवं मछली पालन जैसी अतिरिक्त सुविधाएँ मिलेंगी।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button