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जमीन की गाइडलाइन दरें रायपुर-कोरबा में बदलीं… ग्रामीण इलाकों से वर्गमीटर सिस्टम हटा, बड़ा फायदा… खास क्षेत्रों में दर 25 फीसदी तक बढ़ी
राज्य सरकार ने 30 जनवरी यानी आज से कलेक्टर गाइडलाइन दरों में महत्वपूर्ण संशोधन लागू कर दिए हैं। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के माध्यम से रायपुर और कोरबा जैसे प्रमुख जिलों के लिए संशोधित दरों को मंजूरी दी गई है। रायपुर कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने गाइडलाइन दरों में संशोधन की पुष्टि की है। इसमें खास बात ये है कि ग्रामीण इलाकों में 12.5 डिसमिल से कम के भूखंडों के लिए वर्गमीटर दर की प्रणाली हटा दी गई है। जिससे छोटे भूखंडों की रजिस्ट्री सस्ती होगी, यानी यह बड़ा फ़ायदा दिया गया है। वैसे आप अपनी जमीन की सटीक सरकारी दर ई-पंजीयन पोर्टल (e-Panjiyan) पर चेक कर सकते हैं।
संशोधित सिस्टम के अनुसार रायपुर और कोरबा के विशिष्ट क्षेत्रों में गाइडलाइन दरों में 20% से 25% तक की बढ़ोतरी की गई है, अर्थात कुछ प्राइम लोकेशंस पर यह वृद्धि लागू होगी, सभी जगह नहीं। एक और अहम बात ये है कि प्रदेश में पहली बार ‘डायनेमिक कलेक्टर गाइडलाइन सिस्टम’ लागू किया गया है। इसका आशय यह है कि अब साल में कभी भी बाजार की परिस्थितियों के आधार पर दरें संशोधित की जा सकेंगी। इसी तरह, वार्डों के भीतर जटिल कंडिकाओं (नियमों) को हटाकर पारदर्शी मूल्यांकन संरचना अपनाई गई है ताकि आम जनता को संपत्ति मूल्यांकन में कठिनाई न हो। नई दरों के साथ स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क का भार उन क्षेत्रों में बढ़ेगा जहाँ कीमतें संशोधित हुई हैं।



