Good Governance : छत्तीसगढ़ के 200 मुद्दों में 183 का समाधान… प्रगति पोर्टल सुशासन का बड़ा कदम- सीएम साय

छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने प्रगति पोर्टल को सुशासन की दिशा में बड़ा कदम करार देते हुए कहा कि इसके प्रभावी उपयोग से छत्तीसगढ़ में 99 राष्ट्रीय परियोजनाएँ चल रही हैं, जिनमें 6.11 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इनमें से 50 परियोजनाएँ पूरी की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि प्रगति पोर्टल पर छत्तीसगढ़ से संबंधित कुल 200 मुद्दे दर्ज किए गए, जिनमें से 183 का सफल समाधान किया जा चुका है। इस प्रकार राज्य की समाधान दर 91 प्रतिशत से अधिक रही है। सेक्टर के हिसाब से बात करें तो पावर सेक्टर में 24 प्रोजेक्ट का समाधान किया गया। सड़क परिवहन और राजमार्ग के 23 प्रोजेक्ट, रेलवे के 14 प्रोजेक्ट, कोयला सेक्टर के 07 प्रोजेक्ट, स्टील सेक्टर के 09 प्रोजेक्टों का समाधान किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने आज गुरुवार को रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में प्रगति पोर्टल के संबंध में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश सुशासन की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है। विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह प्लेटफॉर्म मिनिमम गवर्नमेंट-मैक्सिमम गवर्नेंस की कार्यशैली को सशक्त रूप से प्रदर्शित करता है।
भिलाई स्टील प्लांट का उल्लेख करते हुए सीएम साय ने कहा कि आधुनिकीकरण तथा लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट जैसी वर्षों से लंबित परियोजनाओं को प्रगति प्लेटफॉर्म के माध्यम से गति मिली है। इससे राज्य के औद्योगिक विकास को बल मिला है और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। इसी तरह रायपुर-कोडेबोड मार्ग के फोरलेन कार्य में भूमि उपयोगिता और सामग्री आपूर्ति संबंधी समस्याएं आ रही थी, जिसे प्रगति प्लेटफॉर्म के जरिए हल किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रगति पोर्टल से पीएम स्वयं मुख्य सचिवों और केंद्र सरकार के सचिवों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करते हैं। अब तक 50 से अधिक उच्चस्तरीय प्रगति समीक्षा बैठकें हो चुकी हैं। जिनके माध्यम से लंबित परियोजनाओं, कमजोर प्रदर्शन वाली योजनाओं और नागरिकों से जुड़ी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रगति प्लेटफॉर्म के माध्यम से लगभग 85 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 3,300 से अधिक परियोजनाओं को गति दी गई है। इसके साथ ही एक देश-एक राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि और स्वच्छ भारत मिशन सहित 61 योजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सुधार किया गया है। बैंकिंग, बीमा, रेरा, जनधन योजना और मातृत्व वंदना सहित 36 क्षेत्रों में शिकायत निवारण व्यवस्था को भी प्रगति के माध्यम से सुदृढ़ किया गया है।



