Good Governance : छत्तीसगढ़ में डीएमएफ से विकास पर भारत सरकार की मोहर… 1 लाख काम मंज़ूर, जिसमें 70 हज़ार पूरे… आईएएस दयानंद को मिला प्रशस्ति पत्र

छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन पर भारत सरकार ने एक और तमगा दे दिया है। इस बार राज्य को जिला खनिज निधि यानी डीएमएफ से भीतरी इलाकों में हुए उत्कृष्ट विकास कार्यों के लिए यह सम्मान मिला है। डीएमएफ से राज्य में अब तक 16,506 करोड़ रुपये के एक लाख से ज़्यादा विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई। इनमे रिकॉर्ड 70 हज़ार से ज़्यादा काम पूरे किए जा चुके हैं। यही नहीं, डीएमएफ के इन कार्यों का 90 प्रतिशत डेटाबेस अपलोड भी हो चुका है। इस उपलब्धि के लिए केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के सचिव और माइनिंग सेक्रेटरी आईएएस पी दयानंद को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। यह सम्मान नई दिल्ली स्थित स्कोप कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक दिवसीय “नेशनल डीएमएफ वर्कशॉप” के दौरान बुधवार को दिया गया।
केंद्रीय खनिज मंत्रालय नई दिल्ली ने प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना द्वारा नेशनल डीएमएफ पोर्टल में समस्त राज्यों के डीएमएफ से संबंधित डेटाबेस अपलोड किया जा रहा है। डीएमएफ की ऑडिट रिपोर्ट को राज्य डीएमएफ पोर्टल एवं नेशनल डीएमएफ पोर्टल में 90 प्रतिशत डेटाबेस पूर्णतः अपलोड किए जाने पर छत्तीसगढ़ राज्य को प्रशस्ति पत्र दिया गया है। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के प्रयासों को मॉडल राज्य के रूप में प्रस्तुत किया गया और अन्य राज्यों को भी डेटा अपलोडिंग, पारदर्शिता और ज़मीनी क्रियान्वयन के अनुकरण की सलाह दी गई।
उल्लखेनीय है कि नेशनल डीएमएफ कार्यशाला का आयोजन प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना एवं डीएमएफ की प्रभावशीलता को बढ़ाने और खनन क्षेत्रों में सतत एवं समावेशी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से सचिव, संचालक एवं खनन प्रभावित जिलों के कलेक्टर्स शामिल हुए। बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, अधोसंरचना एवं आजीविका जैसे विविध क्षेत्रों में समावेशी विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
नई दिल्ली में हुई कार्यशाला में छत्तीसगढ़ की ओर से सचिव, खनिज साधन विभाग पी दयानंद और संचालक श्री रजत बंसल के साथ बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा, कोरबा, रायगढ़ एवं दंतेवाड़ा जिलों के कलेक्टर्स एवं डीएमएफ के नोडल अधिकारी उपस्थित थे।



