पूर्व सीएम भूपेश का दिल्ली से राज्यपाल पर बड़ा वार… ओबीसी आरक्षण का विधानसभा से पारित प्रस्ताव ढाई साल से लिए बैठे हैं… न जाने क्या अध्ययन कर रहे हैं
दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में एमपी के वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई प्रेस कांफ्रेंस में राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल और राजभवन पर ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर तीखा हमला बोला है। भूपेश ने नेशनल मीडिया से कहा- हमारी सरकार ने जो 2 नवंबर 2022 को प्रदेश विधानसभा से ओबीसी आरक्षण का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया था। तत्कालीन राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कहा था कि प्रस्ताव लाइए, तुरंत दस्तखत किए जाएंगे। इसीलिए प्रस्ताव पास करते ही विधानसभा की औपचारिकताएं तुरंत पूरी की गईं। हमारे वरिष्ठ मंत्री रात 9 बजे प्रस्ताव लेकर राजभवन पहुंचे। उम्मीद थी कि राज्यपाल तुरंत दस्तख़त कर प्रस्ताव मंज़ूर कर लेंगी। पर ऐसा नहीं हुआ। राज्यपाल ने प्रस्ताव लेकर कहा कि अध्ययन करके जल्दी फैसला लेंगे।
भूपेश बघेल ने कहा कि राजभवन में यह प्रस्ताव तब से पड़ा है। पिछली राज्यपाल ने अध्ययन किया। वर्तमान राज्यपाल भी अध्ययन कर रहे होंगे। पता नहीं ढाई साल से क्या अध्ययन कर रहे हैं। भूपेश ने कहा कि हर राज्य में सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे राज्यपाल यही कर रहे हैं। कांग्रेस महासचिव भूपेश ने कहा कि राजभवन ओबीसी आरक्षण की जिस तरह अनदेखी कर रहा है, छत्तीसगढ़ में हम उसका कड़ा विरोध करेंगे। पूर्व सीएम भूपेश ने भाजपा को भी निशाने पर लिया और आरोप लगाया कि संवैधानिक व्यवस्थाओं और संवैधानिक संस्थाओं की भाजपा लगातार अनदेखी कर रही है।



