पहली बार: हर थानों के कमरे हैं क्विंटलों रद्दी के स्टोर… इसे निकालकर नष्ट करने का सिलसिला शुरू… दुर्ग के कुछ थानों की 9 टन रद्दी फैक्ट्री में फूंकी

छत्तीसगढ़ के हर थाने में कबाड़ गाड़ियों के अलावा पुराने दस्तावेजों की रद्दी भी बड़ी समस्या है, क्योंकि करीब हर थाने का एक हिस्सा ऐसी ही रद्दी से किसी उपयोग का नहीं रह गया है। ख़ुद अफ़सर मानते हैं कि कमरा भरकर रखे दस्तावेजों में 99 फ़ीसदी किसी काम के नहीं हैं और इन कमरों में केवल घुन तथा कीड़े मकोड़े पल रहे हैं। इस रद्दी को बेच नहीं सकते क्योंकि काग़ज़ात दशकों पुराने केसेस से जुड़े हैं। इससे पुराने मामलो की भी गोपनीयता भंग होने का खतरा है। इसलिए पीएचक्यू ने हर ज़िले की पुलिस को निर्देश भेजे हैं कि हर थाने की एक्सपायर रद्दी को नष्ट कर दिया जाए। संभवतः प्रदेश में पहली बार दुर्ग जिले में यह शुरुआत हुई है। ख़ुद एसएसपी विजय अग्रवाल के ऑफिस और आरआई ऑफिस के अलावा पाटन और धमधा थानों से लगभग 9 टन रद्दी रविवार को निकाली गई। रद्दी रसमढ़ा की एक फैक्ट्री में ले जाई गई। शाम को फैक्ट्री में इसे नष्ट कर दिया गया।



