आज की खबर

छत्तीसगढ़ विधानसभा में पहली बार : “नो स्पीच” प्रोटोकॉल के साथ पहुंचे कवासी लखमा… सालभर बाद सदन में आए तो भाजपा सदस्य भी गले मिले

छत्तीसगढ़ विधानसभा के सत्र में करीब सवा साल बाद कांग्रेस विधायक कवासी लखमा की वापसी हुई है। लखमा पिछले बजट सत्र के दौरान शराब स्कैम में जेल में थे और कुछ दिन पहले जमानत पर छूटे हैं। स्पीकर डॉ रमन सिंह से सशर्त अनुमति के बाद आज कवासी सदन में पहुंचे। वहाँ उनसे सिर्फ़ कांग्रेस सदस्य ही नहीं, बल्कि भाजपा सदस्यों को भी गर्मजोशी से मिलते देखा गया।

कवासी लखमा छत्तीसगढ़ के पहले विधायक हैं, जिनपर सदन में “नो स्पीच” प्रोटोकॉल लागू हुआ है। इसके तहत वे सदन में शराब स्कैम को लेकर न कोई टिप्पणी करेंगे और न ही मामला उठाएंगे। कवासी जब भी विधानसभा आएँगे, उन्हें सचिव को सूचित करना होगा। इसी तरह, जाते समय भी सूचना देनी होगी। लखमा इस दौरान अपने विधानसभा क्षेत्र में नहीं जा पाएंगे। सदन के बाहर राजनैतिक गतिविधि में भी हिस्सा नहीं ले पाएंगे। अर्थात्, लखमा अपने रायपुर निवास से विधानसभा आएंगे और वापा निवास लौट जाएँगे। विधानसभा में उनकी समस्त गतिविधियों का रिकॉर्ड रखा जाएगा। लखमा को को विधानसभा की चर्चा में शामिल होने की अनुमति है। हालांकि उपरोक्त में से किसी भी शर्त का उल्लंघन हुआ तो अनुमति रद्द कर दी जाएगी।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button