ट्रेनों के बाद अब हवाई सेवा ने खोया भरोसा… देशभर में चौथे दिन भी पाँच सौ से ज़्यादा फ्लाइट्स कैंसिल… अभी कई दिन संकट दूर होने के आसार नहीं
ट्रेनों ने एक तरह से यात्रियों का भरोसा खो ही दिया है, पिछले चार दिन से देशभर की हवाई सुविधा औंधे मुंह गिरी है। रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर आज फिर इंडिगो एयरलाइंस (Indigo) की इंदौर, रायपुर, गोवा समेत कई शहरों की फ्लाइट कैंसिल हो गईं। इसी तरह, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे समेत दर्जनों एयरपोर्टों पर 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं। दिल्ली एयरपोर्ट ने तो शाम तक सभी घरेलू इंडिगो उड़ानें रात 12 बजे तक कैंसिल कर दीं। हर एयरपोर्ट पर हज़ारों यात्री घंटों से फँसे हैं।
संकट की जड़ DGCA के 1 नवंबर से लागू नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम हैं। इन नियमों में पायलटों और क्रू मेंबर्स के लिए ज्यादा आराम का समय तय किया गया है, जिससे एक झटके में स्टाफ की कमी हो गई। इंडिगो के पास 434 विमान और रोज 2300 से ज्यादा उड़ानें हैं, लेकिन नए नियमों की वजह से हर दिन 170-200 उड़ानें प्रभावित हो रही हैं। नवंबर में ही 1232 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें 755 सिर्फ इन नए नियमों की वजह से थीं। कंपनी ने DGCA से 10 फरवरी 2026 तक छूट मांगी है और कहा है कि तीन महीने में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
एयरपोर्टों पर हालात बद से बदतर हैं। दिल्ली में 225 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। हजारों सूटकेस बिना मालिक के पड़े हैं। बेंगलुरु में 102, मुंबई में 86, हैदराबाद-पुणे में 32-32 उड़ानें कैंसिल हो चुकी है। गोवा, रायपुर, अहमदाबाद, जोधपुर, जयपुर में भी लोग 24-24 घंटे से फंसे हैं। इंडिगो ने सोशल मीडिया पर माफी मांगी और कहा कि वह पूरी कोशिश कर रही है कि जल्द हालात सामान्य हों। यात्रियों से अपील की गई है कि घर से निकलने से पहले https://goindigo.in/check-flight-status.html पर फ्लाइट स्टेटस जरूर चेक करें।
नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने गुरुवार को मीटिंग में सख्ती दिखाई। उन्होंने कहा – ‘इतना समय दिया गया था, फिर भी तैयारी क्यों नहीं की गई?’ मंत्री ने आदेश दिया कि किराया नहीं बढ़ेगा और कैंसिलेशन-देरी में यात्रियों को होटल, खाना और दूसरी फ्लाइट की पूरी सुविधा दी जाए।



