बिजली कंपनी की नवा रायपुर में 9 मंजिला बिल्डिंग होगी यूनीक…चारों तरफ लगे ग्लास से ही बन जाएगी बिजली… सीएम साय ने पूजा-पाठ कर रखी नींव

छत्तीसगढ़ बिजली कंपनी नवा रायपुर में अपने मुख्यालय के लिए नौ माले की ऐसी यूनीक बिल्डिंग बनाने जा रही है, जिसके चारों तरफ़ लगने वाले ग्लास ही बिजली पैदा कर देंगे। इसके लिए ख़ास टेक्नोलॉजी की फ़िल्म का पहली बार छत्तीसगढ़ की किसी बिल्डिंग में इस्तेमाल होगा। इस बिल्डिंग की निर्माण लागत 217 करोड़ रुपए होगी। बिल्डिंग का सिस्टम ग्रीन एनर्जी पर आधारित होगा। इस तकनीक के भवन जापान और साउथ कोरिया जैसे हाई टेक्नोलॉजी वाले देशों में बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर में बुधवार को पॉवर कंपनियों के नए भवन की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ नींव रखी।
नवा रायपुर के सेक्टर-24 में पॉवर कंपनी के नए मुख्यालय भवन के शिलान्यास समारोह में सांसद ब्रजमोहन अग्रवाल, मंत्री केदार कश्यप, कुछ भाजपा विधायक तथा सीएम साय के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और चेयरमैन डॉ रोहित यादव भी थे। सीएम साय ने समारोह में नए भवन का आर्किटेक्चर और डिजाइन देखकर कहा कि मैं पिछले सप्ताह जापान और कोरिया गया था। वहां जैसी इमारतें हैं, पॉवर कंपनी की प्रस्तावित नई बिल्डिंग भी उसी तरह दिखाई दे रही है। आने वाले समय में यहां भी वैसी ही इमारतें दिखाई देंगी। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य और विद्युत कंपनियों के रजत जयंती वर्ष की बधाई दी। नवा रायपुर में मंत्रालय सहित सभी विभागों के कार्यालय संचालित हैं, इसलिए उत्पादन, पारेषण और वितरण कंपनियों का मुख्यालय नई डिजाइन के साथ यहां बनाया जा रहा है। सीएम साय ने इंजीनियरों से कहा कि वे गुणवत्ता और समय का ध्यान रखते हुए इसका निर्माण पूरा करवाएं। ताकि यह प्रदेश के विकास का प्रतीक बने और दूसरे विभाग भी इसी तरह की इमारतें बनवाए, जिसमें ग्रीन एनर्जी का उपयोग हो। पॉवर कंपनी के अध्यक्ष डॉ. यादव ने कहा कि पॉवर कंपनी के जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी का संयुक्त मुख्यालय यहां होगा, जिससे बेहतर समन्वय के साथ प्रदेश में विद्युत आपूर्ति के कार्य को संचालित किया जाएगा। इसे तीन साल में पूरा कर लिया जाएगा। नौ मंजिला इस इमारत में 1300 अधिकारी-कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगा तथा बेसमेंट में 350 वाहनों की पार्किंग का इंतजाम होगा। इसमें ई-व्हीकल के लिए चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे।
इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ पॉवर सरप्लस स्टेट है, यही इसका बड़ा आधार हमारे यहां मौजूद खनिज कोयला है। अब हमें ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ना होगा। इस भवन में 1200 किलोवॉट बिजली सोलर प्लांट के जरिए पैदा होगी। यह भवन ऊर्जा संरक्षण बिल्डिंग के रूप में पहचान स्थापित करेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मैं बस्तर जैसे सूदूर वनांचल क्षेत्र से आता हूं, पहले गांवो में बिजली खंभा लगवाने तक के लिए अर्जियां आती थीं। अब हर गांव में बिजली पहुंचने से सबके विकास के रास्ते खुल गए हैं। इस अवसर पर क्रेडा के अध्यक्ष राजेश कुमार राणा, उत्पादन कंपनी के एमडी एसके कटियार, पारेषण कंपनी के एमडी राजेश कुमार शुक्ला, वितरण कंपनी के एमडी भीमसिंह कंवर एवं डायरेक्टर आरए पाठक भी उपस्थित थे। मंच संचालन एजीएम (जनसंपर्क) उमेश कुमार मिश्रा ने किया।



