DMF SCAM : बड़े भारी संदूक में भरी 6 हजार पेज की चार्जशीट, कोर्ट में वर्चुअली पेश… रानू साहू, सौम्या चौरसिया, सूर्यकांत तिवारी, नोडल बीआर ठाकुर, जनपद सीईओ भुनेश्वर समेत 9 आरोपी
छत्तीसगढ़ के चर्चित डीएमएफ स्कैम में आर्थिक अपराध अन्वेषण विंग (ईओडब्लू) ने मंगलवार को स्पेशल कोर्ट में 6 हजार पेज का चालान पेश कर दिया है। चालान बड़े भारी संदूक में लाया गया और कोर्ट में पेश किया गया। इस स्कैम में निलंबित आईएएस रानू साहू, निलंबित राज्यसेवा अफसर सौम्या चौरसिया, कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, कोरबा डीएमएफ के तत्कालीन नोडल अफसर बीआर ठाकुर, तत्कालीन जनपद सीईओ भुनेश्वर सिंह राज, राधेश्याम मिर्धा और वीरेंद्र ठाकुर समेत 9 लोगों को आरोपी करार दिया गया है। इस वक्त सभी जेल में हैं और उनके खिलाफ डीएमएफ स्कैम का मुकदमा भी शुरू हो जाएगा।
मिली जानकारी के मुताबिक ईओडब्लू ने इस मामले की जांच के बाद दावा किया है कि कोरबा जिला प्रशासन की ओर से जिला खनिज निधि (डीएमएफ) की जितनी भी राशि विकास तथा जनहित के कार्यों के लिए जारी की गई, सभी में 40 फीसदी तक कमीशन निकालकर अफसरों को दिया गया। जांच में दस्तावेज और गवाहों के बयान लगाए गए हैं, जिनके जरिए ईओडब्लू ने यह साबित करने की कोशिश की है कि डीएमएफ का काम लेने वाली निजी फर्मों से भी अलग-अलग स्तर पर 15 से 20 प्रतिशत तक की रिश्वत ली गई। वकीलों ने बताया कि चार्जशीट अदालत में वर्चुअली पेश की गई। इसमें डीएमएफ स्कैम से जुड़े दस्तावेज, गवाहों के बयान और दस्तावेजी सबूतों के साथ-साथ पैसों के लेन-देन के प्रमाण भी पेश किए गए हैं। चार्जशीट में ईओडब्लू ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने जिला खनिज निधि के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया और करोड़ों रुपए का गोलमाल कर दिया। चार्जशीट के बाद सुनवाई की अगली तारीख संभवतः बुधवार को बताई जाएगी।



