व्यापारियों के विरोध के बावजूद जीएसटी के हौसले बुलंद… अंबिकापुर के बाद नारायणपुर में स्टील कारोबारी पर छापा… टैक्स चोरी और बोगस इनपुट का बड़ा केस, फर्म सील
अंबिकापुर में तीन दुकानदारों पर बैक टू बैक छापे तथा इसके विरोध में व्यापारियों के अंबिकापुर बंद के बाद भी जीएसटी विभाग के हौसले बुलंद हैं। सोमवार को जीएसटी टीम ने नारायणपुर के स्टील कारोबारी अरिहंत ट्रेडर्स पर छापेमारी कर बड़ी टैक्स चोरी और बोगस इनपुट का खेल भी पकड़ा है। अफसरों ने बताया कि जीएसटी की जगदलपुर से पहुंची टीम ने अरिहंत स्टील में छापा मारा, तो वहां कारोबार से संबंधित कोई भी बही-खाता या कंप्यूटर एंट्री नहीं थी। इसलिए टैक्स चोरी की आशंका गहराई तो जीएसटी की बड़ी टीम ने पूरे कारोबार को खंगाल डाला। केवल चार साल में फर्म का टर्नओवर 16 करोड़ रुपए निकल गया है, लेकिन जीएसटी केवल 43 हजार हुए अदा किया गया है। यही नहीं, ई-वे बिलों को दूसरी फर्मों को बेचकर बोगस इनपुट टैक्स का भी बड़ा मामला पकड़ा गया है। अफसरों के मुताबिक कारोबारी ने 10 लाख रुपए टैक्स जमा करने का आफर दिया, लेकिन बड़ी चोरी पकड़ी गई है इसलिए जीएसटी ने इससे इंकार कर दिया और पूरा हिसाब-किताब मांग लिया है।
जीएसटी अफसरों ने बताया कि अरिहंत ट्रेडर्स में 2021 से 2024-25 तक टर्नओव्हर 16 करोड़ रुपये से अधिक मिला, लेकिन टैक्स का नगद भुगतान मात्र 43 हजार रुपए ही हुआ है। ई-वे बिल की जांच में यह बात आई कि फर्म ने 8.21 करोड़ रुपए का माल खरीदा, लेकिन सप्लाई के लिए कोई ई-वे बिल जारी नही किया गया। इसी वजह से जीएसटी विभाग का अनुमान है कि माल आम लोगों को बेचा गया तथा बिल अन्य व्यवसायियों को बेचकर बोगस इनपुट टैक्स का लाभ दे दिया गया। इससे केन्द्र और राज्य, दोनों ही जीएसटी विभागों को बड़ी राजस्व हानि पहुंचाई गई है। जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने परिसर में 90 लाख रुपए का स्टॉक पाया, जिसके लिए कारोबारी से अकाउंट्स एंट्री तथा दूसरे दस्तावेज मांगे हैं। अफसरों ने बताया कि कारोबारी ने कुछ मीडियाकर्मियों एवं व्यवसायियों को एकत्रित कर जांच टीम पर दबाव डालने का प्रयास किया। तब जीएसटी टीम ने पुलिस बुलवा ली और अरिहंत ट्रेडर्स को सील कर दिया है।


