बस्तर की बाढ़ में कई पुल गुम : कितने बहे, पानी उतरने के बाद गिनती… सीएम साय ने पीडब्लूडी सचिव कमलप्रीत को भेजा

बस्तर में बारिश कुछ हल्की हुई, लेकिन पहाड़ों-जंगलों के नालों में पानी का वेग अब भी प्रचंड है। बाढ़ छोटे बड़े कई पुलों को तिनके की तरह बहा ले गई है। भीतरी इलाकों में नालों पर कड़ी सुरक्षा और विपरीत हालात में बनाए गए कितने पुल बहे हैं, प्रशासनिक अमले की मानें तो अब तक सही स्थिति स्पष्ट नहीं है। सरकार के पास ख़बरें हैं कि बेतहाशा बारिश के कारण सड़कें और पुलों को खासा नुक़सान हुआ है। सूत्रों के मुताबिक़ सीएम साय ने कल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मे पीडब्ल्यूडी विभाग के सचिव डॉ कमलप्रीत सिंह को भी बस्तर भेज दिया है। वे राहत अफसरों के साथ दो दिन से बस्तर में डेरा डाले हुए हैं।
दरअसल सरकार जल्दी से जल्दी यह पता लगाने की कोशिश में है कि भारी बाढ़ के कारण किन महत्वपूर्ण सड़कों और पुलों को नुकसान हुआ, जिन्हें तुरंत बनाने की ज़रूरत है। इसके दो अहम कारण हैं। पहला, सरकार बस्तर में नक्सलियों के ख़िलाफ़ निर्णायक लड़ाई में है, ऐसे में टूटी सड़कें और पुलों के कारण भीतरी इलाक़ों में फ़ोर्स के मूवमेंट से कोम्प्रोमाईज़ नहीं करना चाहती। दूसरा, नक्सल ऑपरेशंस के साथ डेवलपमेंट और मदद भीतर पहुचानी है और सरकार विकास के इस ट्रैवल को भी प्रभावित नहीं होने देना चाहती। माना जा रहा है कि बाढ़ प्रभावित चार जिलों दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और बस्तर में बाढ़ से सड़कों को हुए नुकसान की रिपोर्ट सोमवार को पीडब्ल्यूडी सचिव डॉ कमलप्रीत सरकार को सौंप सकते हैं। यह भी माना जा रहा है कि सरकार सड़क-पुलों की मरम्मत के लिए अलग से फण्ड भी रिलीज़ कर सकती है।



