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गणतंत्र दिवस पर बधाई आपके साहस को : देश में नक्सलियों के सबसे खूँखार गढ़ गंगालूर में तिरंगे की शान… माओवाद की जड़ें उखाड़ने वाला ऐतिहासिक समारोह

गणतंत्र दिवस पर छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में ध्वजारोहण समारोह हुए, लेकिन एक समारोह ऐसे स्थान पर हुआ, जहां इससे पहले कोई भी राष्ट्रीय पर्व भव्य तरीके से मनाना जान पर खेलने से कम नहीं था। हम बात कर रहे हैं देश के दुर्दांत नक्सलगढ़ गंगालूर की, जहां फोर्स ने अदम्य साहस और सबसे बड़ी कुर्बानियां देकर न सिर्फ गढ़ ध्वस्त किया, बल्कि नक्सलवाद को लगभग जड़ से उखाड़ दिया।  बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव की मौजूदगी में गंगालूर टीआई गिरीश तिवारी और टीम ने गंगालूर थाने के सामने पहली बार गणतंत्र दिवस पर बड़ा समारोह किया। इसमें गंगालूर और आसपास के गांव के एक हज़ार लोग इकट्ठा हो गए। इस समारोह में शहीदों के परिजन और सरेंडर नक्सली काफ़ी संख्या में आए। यही नहीं, सैकड़ों ग्रामीण इस समारोह में पहुँच गए, जो इससे पहले पुलिस के आसपास फटकना पसंद नहीं करते थे। ये सिर्फ आए ही नहीं, बल्कि इनकी ओर से लगाया गया नक्सलवाद मुर्दाबाद का जोशीला नारा पूरे इलाके में गूंज गया।

गंगालूर के ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल सैकड़ों लोगों में राजनैतिक दलों के पदाधिकारी और कई धुर नक्सलप्रभावित गांवों के सरपंच पहुंचे और अपनी बात भी रखी। नक्सलवाद से लड़ाई में शहीद हुए जवानों के परिवार को सम्मानित किया गया। समारोह में आकर साहस का परिचय देने वाले हर ग्रामीण को साड़ियाँ और चप्पलें पुलिस ने बांटीं। यही नहीं, समारोह में आए हर ग्रामीण को भोजन भी करवाया। गंगालूर में हुआ यह आयोजन नक्सलवाद पर छत्तीसगढ़ की जीत माना गया है। इलाके के लोगों ने इस आयोजन में हिस्सा लेकर अदम्य साहस का परिचय दिया, जिसकी गूंज राजधानी और समूचे छत्तीसगढ़ में सुनी जा सकती है।

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