ऐसे 330 गांवों में पहुंची 57 सीएम ग्रामीण बसें, जहां कभी चली ही नहीं थीं… सालभर में संख्या 200 करने की प्रक्रिया शुरू
छत्तीसगढ़ में शुरू की गई ग्रामीण बस योजना में खासी कामयाबी मिल रही है। प्रदेशभर के 57 रूट पर ये बसें ऐसे 330 गावों को कवर कर चुकी हैं, जहां इससे पहले कोई बस नहीं गई थी। अब 12 नए ग्रामीण रूट पर बस संचालन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है और 15 नए मार्गों पर बस संचालन हेतु निविदाएँ बुलाई गई हैं। आने वाले एक साल में ऐसी 200 बसें रिमोट एरिया में चलाने की तैयारी है।
सीएम ग्रामीण बसें अभी सुकमा जिले में 8, नारायणपुर में 4, जगदलपुर में 2, कोण्डागांव में 4, कांकेर में 6, दंतेवाड़ा में 7, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 2, सूरजपुर में 6, कोरिया में 5, जशपुर में 7, बलरामपुर में 4 तथा अंबिकापुर जिले में दो बसें चल रही हैं। योजना का प्रमुख उद्देश्य ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों को जनपद मुख्यालय, नगरीय क्षेत्र, तहसील मुख्यालय तथा जिला मुख्यालयों से जोड़ना है, जहाँ पूर्व में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं थी।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत बस संचालकों को शासन की ओर से वित्तीय सहायता दी जा रही है। प्रथम वर्ष ₹26 प्रति किमी, द्वितीय वर्ष ₹24 प्रति किमी तथा तृतीय वर्ष ₹22 प्रति किलोमीटर की दर से सहायता दी जा रही है। इसके अतिरिक्त कर में पूर्णतः छूट अधिकतम तीन वर्षों की अवधि के लिए प्रदान की जा रही है, जिससे ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाया जा सके।
मार्ग चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है। इस योजना के अंतर्गत मार्गों का चयन जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा के आधार पर राज्य स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है, ताकि वास्तविक आवश्यकता वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता मिल सके। चयनित मार्गों पर बस संचालन हेतु निविदा प्रक्रिया अपनाई जाती है। निविदा के माध्यम से न्यूनतम वित्तीय दर प्रस्तावित करने वाले पात्र आवेदक का चयन किया जाता है, जिससे शासन पर न्यूनतम वित्तीय भार पड़े और सेवा सतत बनी रहे। वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 200 बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार का यह प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाकर समावेशी विकास, सामाजिक सशक्तिकरण और आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगा।



