अरण्य भवन से : 20 साल तक छोटू को कैद में रखा… बूढ़ा हो गया, कम दिखने लगा… अब मादाओं के साथ जंगल में छोड़ेंगे
छत्तीसगढ़ के वन विभाग ने एक अजीब फ़ैसला किया है। 25 साल की उम्र और बूढ़े हो चले वनभैंसे छोटू को 20 साल क़ैद (बाड़े) में रखने के बाद उसे आज-कल में ही उदंती-सीतानदी रिज़र्व के जंगलों में तीन मादा वनभैंस के साथ छोड़ने की तैयारी है। अफ़सरों के इस फ़ैसले से वन्यप्राणी विशेषज्ञों में हाहाकार मचा हुआ है। वे कई सवाल उठा रहे हैं।
छोटू और असम की तीन मादा वन भैंसों के साथ जंगल में रेडियो कॉलर लगाकर छोड़ा जाने वाला है। इसका प्रस्ताव वन मुख्यालय पहुंच गया है। वन विभाग के पांच अधिकारियों और एक एनजीओ (फील्ड डायरेक्टर उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व, डीएफओ बलौदा बाजार, डिप्टी डायरेक्टर उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व, जंगल सफारी के डॉक्टर, कानन पेंडारी के डॉक्टर और एक एनजीओ) की कमेटी ने मुख्यालय को मोड ऑफ ऑपरेशन प्रेषित कर बताया है कि असम से लाई गई वन भैंसें, जो बारनवापारा अभ्यारण में रखी गई हैं, उन्हें उदंती अभ्यारण में लाया जाएगा। 45 दिन बाड़े में रखने के बाद छोटू के साथ जंगल में रेडियो कॉलर लगाकर सॉफ्ट रिलीज किया जाएगा। उद्देश्य छोटू से मादा वन भैंसों का प्रजनन कराकर संख्या बढ़ाना है।
अनुसूची-एक के संरक्षित वन भैंसा छोटू का जन्म वर्ष 2002 में हुआ था। 4 साल वह जंगल में विचरण करता रहा। इसके बाद 2006 में वन विभाग ने उसे अचानक बाड़े में कैद करके रख दिया। तब से कुछ साल पहले तक छोटू से कई बच्चे पैदा हुए, जिन्हें हाल ही में वन विभाग ने हाइब्रिड या क्रॉसब्रीड कहकर उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व से बाहर कर दिया है। 12 जनवरी 2026 की बैठक में भी इस बात का उल्लेख है कि हाइब्रिड वन भैंसों को उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व से बाहर रिलोकेट कर दिया गया है।
अब टू 25 साल का हो गया है और उम्र के अंतिम पड़ाव में है। जानकारों को शंका है कि बढ़ी उम्र के कारण उससे प्रजनन संभव नहीं हो सकेगा। 2023 की वाइल्डलाइफ इंस्टिट्यूट की रिपोर्ट में दर्ज है कि छोटू के केयरटेकर ने बताया कि कुछ साल पहले मैटिंग का प्रयत्न करवाया गया था परन्तु मैटिंग असफल रही। यही नहीं, अगस्त 2025 को वन भैंसा की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में यह उल्लेखित है कि छोटू वन भैंसा अंधा है। वन विभाग उसे आहार भी देता है वह बाड़े में रहने का आदी हो गया है। ऐसे में अब अगर उसे स्वच्छंद विचरण के लिए जंगल में छोड़ दिया जाएगा, तो क्या वह स्वच्छंद विचरण करेगा या मर जाएगा? जानकारों के अनुसार, अगर छोटू को बाड़े से बाहर छोड़ भी दिया जाए, तो वह अंधा होने के कारण जंगल में नहीं जा पाएगा और आहार के लिए बाड़े के आसपास ही घूमता रहेगा।



