छत्तीसगढ़ के छठवें डीजीपी विश्वरंजन का निधन… इनके कार्यकाल में नक्सलवाद पर शुरुआती प्रहार
छत्तीसगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) विश्वरंजन का 7-8 मार्च 2026 की दरम्यानी रात निधन हो गया। वे 1973 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी थे। उन्होंने पटना के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ समय से बीमार थे और पटना में ही इलाज चल रहा था।
विश्वरंजन 2007 में छत्तीसगढ़ के छठवें (6th) DGP नियुक्त किए गए थे। उन्होंने रमन सिंह सरकार के दौरान अपनी सेवाएं दी थीं। वे केवल एक सख्त पुलिस अधिकारी ही नहीं, बल्कि एक जाने-माने कवि, आलोचक और विचारक भी थे। उनके निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
विश्वरंजन 1973 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के IPS अधिकारी थे। अपने करियर के शुरुआती वर्षों में उन्होंने छत्तीसगढ़ (तब मध्य प्रदेश का हिस्सा) के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। 1986 में वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में शामिल हुए, जहाँ उन्होंने दो दशकों से अधिक समय तक देश की आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विश्वरंजन के डीजीपी कार्यकाल को राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी रणनीति और प्रशासनिक अनुशासन के लिए याद किया जाता है।



