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रायपुर फायरिंग केस : लारेंस विश्नोई के करीबी गैंगस्टर मयंक सिंह को छत्तीसगढ़ पुलिस लेगी रिमांड पर… अजरबैजान से प्रत्यर्पण के बाद अभी भारत में

रायपुर में सालभर पहले झारखंड में सैकड़ों करोड़ रुपए के ठेके पर काम कर रही फर्म पीआरए कंस्ट्रक्शन पर फायरिंग के हैंडलर तथा लारेंस विश्नोई के करीबी गैंगस्टर मयंक सिंह को अजरबैजान में गिरफ्तारी के बाद प्रत्यर्पण करके भारत लाया जा चुका है। रायपुर में लारेंस और अमन गैंग ने मिलकर फायरिंग करवाई थी। इस वारदात में मेन हैंडलर मयंक सिंह था, जो उस समय इंडोनेशिया, सिंगापुर और हांगकांग से आपरेट कर रहा था। इंटरपोल से रेड कार्नर नोटिस जारी होने के बाद मयंक अजरबैजान से काम करने लगा था और  वहां की पुलिस की नजर में आ गया। अजरबैजान पुलिस ने प्रत्यर्पण संधि के आधार पर मयंक को भारत भेज दिया था।

रायपुर में पिछले साल 13 जुलाई को तेलीबांधा चौक के पास रिंग रोड-1 पर ठेका फर्म पीआरए कंस्ट्रक्शन पर दो शूटर हवाई फायर कर भागे थे। आरोपी कुछ दिन में पकड़ लिए गए और वारदात का कनेक्शन लारेंस विश्नोई गैंग से निकला। इस वारदात की इनडेप्थ जांच कर रही रायपुर क्राइम ब्रांच तभी यह पता लगाने में कामयाब रही थी कि झारखंड के अमन गैंग ने सिरसा गिरोह की मदद से रायपुर में पीआरए कंस्ट्रक्शन पर फायरिंग करवाई थी। सिरसा गैंग दरअसल लारेंस विश्नोई गैंग का ही एक पार्ट है। यह बात भी रायपुर पुलिस एस्टेबलिश कर चुकी है कि लारेंस गैंग और अमन गैंग देश के बड़े भूभाग में मिलकर काम करता था। एक गैंग शूटर अरेंज करता है, तो दूसरा बाइक, पिस्टल तथा सुपारी का खर्च हैंडल करता है। पीआरए कंस्ट्रक्शन पर फायरिंग एक्सटार्शन यानी हफ्ता वसूली के लिए की गई थी। चूंकि उस वारदात में गैंगस्टर मयंक का नाम आ चुका था, इसलिए छत्तीसगढ़ पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। मयंक अभी झारखंड पुलिस की रिमांड पर है। बता दें कि गैंगस्टर अमन साव को रायपुर पुलिस झारखंड से रिमांड पर रायपुर लेकर आई थी। यहां पूछताछ के बाद अमन को झारखंड पुलिस लेकर लौट रही थी, तब भागने की कोशिश के दौरान उसका एनकाउंटर हो गया था।

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