CGSSC Explainer : हर विभाग, निगम मंडल में क्लास 3-4th भर्ती सीजी एसएससी के ज़रिए… सारी प्रक्रिया अब एक साथ, युवाओं को होगी आसानी
युवाओं को सरकारी नौकरी देने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSC) तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया को एकीकृत करेगा। इस मंडल में एक अध्यक्ष और अधिकतम तीन सदस्य होंगे। इसके साथ ही सचिव, परीक्षा नियंत्रक और अन्य अधिकारी-कर्मचारी होंगे तथा व्यावसायिक परीक्षा मंडल के अधिकारी-कर्मचारी भी इसके अंतर्गत माने जाएंगे। मंडल को यह अधिकार होगा कि वह चयन प्रक्रिया के संचालन का दायित्व किसी एजेंसी को सौंप सके। इसके लिए पाठ्यक्रम समिति, परीक्षा समिति और वित्त समिति का गठन भी किया जाएगा।
कर्मचारी चयन मंडल या सीजी एसएससी राज्य सरकार के सभी विभागों के अधिसूचित तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया आयोजित करेगा। साथ ही वैधानिक निकायों, मंडलों, प्राधिकरणों और अन्य संस्थानों की भर्तियां भी इसके दायरे में आएंगी। मंडल द्वारा व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी। इसके ज़रिए अब परीक्षार्थियों के पास उस वर्ष होने वाली सभी परीक्षाओं का कैलेंडर उपलब्ध होगा, जिससे उन्हें तैयारी में आसानी होगी। साथ ही, परीक्षा शेड्यूल तय होने से एजेंसियों को भी प्रबंधन में सुविधा मिलेगी। नियमित शेड्यूल मिलने से अभ्यर्थी निश्चिंत होकर तैयारी कर सकेंगे और अपनी तैयारी का आकलन भी बेहतर तरीके से कर पाएंगे।
सीएम विष्णुदेव साय ने बताया कि अभी अलग-अलग विभागों की वैकेंसी अलग-अलग समय पर निकलने से युवाओं के सामने दुविधा रहती है। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कई पदों की शैक्षणिक योग्यता समान होने के बावजूद अभ्यर्थियों को अलग-अलग आवेदन करना पड़ता है, जिससे समय की बर्बादी होती है और प्रक्रिया जटिल बनती है। इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कर्मचारी चयन मंडल गठित करने का निर्णय लिया गया है। मंडल के माध्यम से विभिन्न विभागों के साथ-साथ वैधानिक निकाय, मंडल, प्राधिकरण और अन्य संस्थानों की भर्तियां भी शामिल की जाएंगी, जिन्हें समय-समय पर अधिसूचित किया जाएगा। चयन प्रक्रिया का निर्धारण भी मंडल द्वारा किया जाएगा और सरकार तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए संयुक्त चयन प्रक्रिया भी आयोजित कर सकेगी।
विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में बताया कि विभिन्न विभागों में 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और पारदर्शिता को लेकर ठोस कदम उठाए गए हैं। साथ ही, पूर्व सरकार के दौरान पीएससी भर्ती परीक्षा में हुए भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई को सौंपकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के लचर रवैये का सीधा नुकसान युवाओं को उठाना पड़ा। युवाओं ने न केवल सिस्टम पर भरोसा खोया, बल्कि आयुसीमा का नुकसान भी झेला। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस स्थिति को सुधारते हुए अभ्यर्थियों को आयुसीमा में पांच वर्ष की छूट प्रदान की, ताकि वे फिर से अवसर प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अभी तक परीक्षाओं के बेहतर प्रबंधन के अभाव में कई विभागों में पांच-पांच साल में एक बार परीक्षा हो पाती थी, जिससे युवाओं को भारी परेशानी होती थी। इस समस्या का समाधान अब कर्मचारी चयन मंडल के गठन से होगा। उन्होंने कहा कि मंडल के गठन के बाद न केवल हर साल परीक्षाएं आयोजित होंगी, बल्कि उन्हें निर्धारित समय पर भी संपन्न कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर विभाग की चयन प्रक्रिया अलग होने से अभ्यर्थियों को अलग-अलग तरीके से तैयारी करनी पड़ती है, जिससे उनकी समग्र तैयारी प्रभावित होती है। वहीं भर्ती एजेंसियों पर बार-बार अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित करने का दबाव पड़ता है, जिससे संसाधनों का अधिक खर्च होता है और सार्वजनिक धन का अपव्यय भी होता है। साथ ही नियुक्तियों में अनावश्यक विलंब भी होता है।



