माइनिंग से बंपर कमाई, 5 साल में वृद्धि डबल से ज़्यादा… खदानों से16 हजार करोड़ से ज़्यादा राजस्व… साय सरकार के सुशासन का परिणाम : IAS दयानंद
(फाइल फोटो: सीएम विष्णुदेव साय, आईएएस दयानंद)
छत्तीसगढ़ में इस साल खनिजों और खदानों से बंपर कमाई हुई है। सरकार को माइनिंग से 2025-26 में 16 हजार 625 करोड़ रुपए की आमदनी हुई खास बात ये है कि खनिज से आय इस साल 14 प्रतिशत बढ़ी है। यह वृद्धि पिछले पाँच साल की तुलना में दोगुनी है। खनिज सचिव तथा सीएम के सचिव आईएएस पी दयानंद ने कहा कि विभाग को यह सफलता साय सरकार के पारदर्शी प्रबंधन और तकनीकी नवाचार से हासिल हुई है। इस वृद्धि पर सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य खनिज संसाधनों के प्रबंधन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए राजस्व में सतत वृद्धि करना है। इन प्रयासों से न केवल राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि विकास कार्यों के लिए संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।
सचिव पी दयानंद ने बताया कि छत्तीसगढ़ ने ₹16,625 करोड़ का खनिज राजस्व अर्जित कर लक्ष्य का 98 प्रतिशत हासिल कर लिया है। यह किया सुशासन, प्रभावी नीति क्रियान्वयन और मजबूत निगरानी व्यवस्था का प्रत्यक्ष परिणाम है। यह उपलब्धि राज्य की खनिज आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूती को भी दर्शाती है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष खनिज राजस्व में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले पांच वर्षों की औसत वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) अर्थात 6 प्रतिशत से दोगुनी से अधिक है। माइनिंग से कमाई में वृद्धि के प्रमुख कारकों में एनएमडीसी (NMDC) तथा अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के लिए डिस्पैच रूट्स का प्रभावी अनुकूलन शामिल है। इसके साथ ही, ‘खनिज 2.0’ (Khanij 2.0) जैसे आईटी-आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शिता, निगरानी और संचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
अब खनिज 2.0 प्लेटफार्म पर फोकस
खनिज सचिव दयानंद ने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार का विशेष ध्यान गौण खनिजों को भी ‘खनिज 2.0’ प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर रहेगा, जिससे संपूर्ण खनन प्रणाली को डिजिटल और एकीकृत बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त, खनिज परिवहन की निगरानी को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए वीटीएस (VTS), आई-चेक गेट्स (iCheck Gates) तथा ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली को और व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा।



