चंद्रमा का चक्कर लगाकर ओरियन कैप्सूल से लौटे अंतरिक्ष यात्री… अब 2028 में चांद पर उतरेगी पहली महिला
चंद्रमा की 10 दिनों की परिक्रमा के बाद इसके चारों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौट आए हैं। इसी के साथ नासा (NASA) का ऐतिहासिक आर्टेमिस II (Artemis II) मिशन आज, 11 अप्रैल को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। अंतरिक्ष यान ओरियन (Orion) प्रशांत महासागर (सैन डिएगो तट के पास) में पैराशूट की मदद से हमारे समय के अनुसार शनिवार को सुबह 5.10 बजे सुरक्षित उतरा, जिसे ‘स्प्लैशडाउन’ कहा जाता है। इससे पहले ही 2028 में आर्टेमिस-3 की तैयारी शुरू हो गई है। इस मिशन में दो अंतरिक्षयात्रियों को चंद्रमा की सतह पर उतारा जाना है, जिनमे एक महिला होंगी।
धरती के वायुमंडल में प्रवेश करते समय ओरियन स्पेसक्राफ्ट की रफ्तार 40,000 से 42,000 किमी प्रति घंटा थी। यह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से लौटने वाले यानों की तुलना में बहुत ज्यादा है। अधिक रफ्तार और गुरुत्वाकर्षण के कारण पैदा होने वाले भारी दबाव और गर्मी को सहने के लिए इस यान को खास तौर पर मजबूत बनाया गया था।
इस मिशन के दौरान चालक दल ने पृथ्वी से लगभग 2,52,756 मील (4,06,771 किमी) दूर तक की यात्रा की, जो मानव इतिहास में अब तक की सबसे अधिक दूरी है। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल थे: रीड वाइजमैन (कमांडर), विक्टर ग्लोवर (पायलट), क्रिस्टीना कोच (मिशन स्पेशलिस्ट) और कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन।
यह मिशन चंद्रमा पर स्थायी मानव आधार बनाने की दिशा में नासा का एक बड़ा कदम है। अब इसके बाद आर्टेमिस III की तैयारी शुरू होगी, जिसमें इंसानों को चंद्रमा की सतह पर उतारा जाएगा。



