अफसरों का असेसमेंट सुशासन तिहार में आवेदनों के निराकरण-पेंडेंसी से… हर जिले का ब्योरा दर्ज कर चुका मुख्यमंत्री सचिवालय… सीएम साय दिल्ली से लौटे, कल से कर सकते हैं समीक्षा
छत्तीसगढ़ के सुशासन तिहार का तीसरा चरण संपन्न हो गया, लेकिन सुशासन तिहार के दौरान जिलों और निकायों में जो भी गतिविधियां हुईं, अब उनके नतीजे जल्दी ही सामने आएंगे। सुशासन तिहार में जितने आवेदन मिले, उनमें कितनों का निराकरण हुआ, निराकरण से लोग संतुष्ट थे या नहीं, कितने आवेदन पेेंडिंग रह गए क्यों… पता चला है कि हर जिले में अफसरों के असेसमेंट का मापदंड इन्हीं सवालों के जवाब बनेंगे। पता चला है कि मुख्यमंत्री सचिवालय ने जिलों से इस तरह के डीटेल्स लेने शुरू कर दिए हैं और जल्द ही यह काम पूरा हो जाएगा। इधर, नई दिल्ली में नीति आयोग तथा एनडीए के मुख्यमंत्रियों की परिषद में हिस्सा लेकर सीएम विष्णुदेव साय तीन दिन बाद सोमवार की रात दिल्ली से रायपुर लौट गए। माना जा रहा है कि सुशासन तिहार में जिलों की समीक्षा का काम वे कल यानी मंगलवार से ही शुरू कर सकते हैं।
सुशासन तिहार के दौरान सीएम साय रोज तीन-चार समाधान शिविरों में शामिल हुए और कम से कम एक गांव में अचानक उतरकर सरकारी योजनाओं की नब्ज टटोली। उनके हर प्रवास में उनकी ब्यूरोक्रेसी की टीम साथ रही। अधिकांश प्रवासों में चीफ सेक्रेटरी अमिताभ जैन और सीएम के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव पी दयानंद, राहुल भगत और बसव राजू उनके साथ गए। इस दौरान अफसरों ने खामोशी से हर गांव और शिविर में लोगों से सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी कलेक्ट की। बताते हैं कि सीएम सचिवालय भी सुशासन तिहार में आवेदनों के निराकरण, पेंडेंसी, योजनाओं की स्थिति और अफसरों की भूमिका पर अलग रिपोर्ट तैयार कर रहा है। जिलों से ली जाने वाली जानकारी और सीएम सचिवालय की रिपोर्ट्स को जिलावार टैली किया जा सकता है। सीएम साय खुद इसकी समीक्षा कर सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया बहुत सारे केंद्रीय और राज्य सेवा के अफसरों का असेसमेंट कर देगी। हालांकि इस बारे में टाप ब्यूरोक्रेसी बिलकुल खामोश है। कुछ अफसरों ने तो ऐसी किसी प्रक्रिया से भी इंकार कर दिया है। लेकिन जानकारों का दावा है कि इस खामोशी और खंडन के भीतर काफी हलचल भी मची हुई है, जिसके नतीजे जल्दी सामने आ सकते हैं।



