अनवर ढेबर और पूर्व आईएएस टुटेजा को हाईकोर्ट से जमानत… लेकिन अभी बाहर नहीं आएंगे, जानिए क्यों ?
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर को जमानत दे दी है। दोनों को चर्चित कस्टम मिलिंग घोटाले में जमानत दी गई है। हालांकि इस ज़मानत से दोनों को बड़ी राहत मिली है, फिर भी दोनों ही अभी जेल से बाहर नहीं आएँगे क्योंकि शराब स्कैम में ज़मानत नहीं मिली है। हालांकि हाईकोर्ट ने शराब स्कैम में आज मुकेश मनचंदा और अतुल सिंह जमानत दी है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने मीडिया को बताया की हाईकोर्ट में कस्टम मिलिंग घोटाले में ईओडब्ल्यू के केस में ढेबर और टुटेजा को जमानत मिली है। इसी तरह शराब घोटाले में मुकेश मनचंदा और अतुल सिंह को भी जमानत दी गई है।
बता दें कि ईओडब्लू के केस में आरोप है कि कस्टम मिलिंग में 140 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध वसूली की गई। इसमें अफसरों से लेकर राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी तक शामिल थे। नागरिक आपूर्ति निगम और एफसीआई के लिए अलग-अलग राइस मिलर्स द्वारा कस्टम मिलिंग का चावल जमा किया जाता था। इसी प्रक्रिया में अनियमितताओं और अवैध वसूली के आरोप लगे। इस मामले में अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा को भी आरोपी बनाया गया था। ईओडब्ल्यू ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश किया था, जिसके बाद उन्हें जेल भेजा गया था। अब हाईकोर्ट से दोनों को जमानत मिल गई है। ईओडब्ल्यू के मुताबिक, फरवरी 2025 में रोशन चंद्राकर और मनोज सोनी के खिलाफ कस्टम मिलिंग घोटाले में पहला चालान पेश किया गया था। जांच एजेंसी का दावा है कि अनिल टुटेजा और छत्तीसगढ़ प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन के कुछ पदाधिकारियों के बीच शुरू से आपराधिक साजिश रची गई।



