देर रात छापे और सवा सौ लोगों को हिरासत में लेने से मुस्लिम समाज में गुस्सा… प्रतिबंधित एप के उपयोग पर पुलिस ने 120 लोगों को लिया था हिरासत में… इनमें वृद्ध, महिलाएं और बच्चे भी
प्रतिबंधित मोबाइल एप से बातचीत के मामले में रायपुर पुलिस ने मंगलवार 23 दिसंबर को तड़के 3 बजे मुस्लिम समाज के विभिन्न आयु वर्ग के जिन 120 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। उनमे से एक-दो के अलावा सभी को छोड़ दिया गया है। घुसपैठियों और अप्रवासियों की तलाश के नाम पर पुलिस ने मुख्य रूप से मुस्लिम बहुल इलाकों में रातभर कार्रवाई की। मुस्लिम संगठनों ने गुरुवार को संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में कार्रवाई के तरीके का विरोध किया है।
शहर सीरतुन्नबी कमेटी के अध्यक्ष सोहैल सेठी, एजाज़ कुरैशी, अलीम रज़ा, नोमान अकरम हामिद, राहिल रऊफ़ी, रफीक गौटिया, मोहम्मद सिराज, फ़हीम शेख और अलीम क़ुरैशी सहित समाज के गणमान्य लोगों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों तक को अमानवीय तरीके से ट्रीट किया गया, जिससे पूरे समाज में कड़ा आक्रोश फैल है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई का तरीका ग़लत है और यह लोगों के निजता के अधिकार का हनन है। बता दें कि पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने सुबह मौदहापारा, नहरपारा, बैजनाथपारा, राजातालाब, संजय नगर, टिकरापारा, संतोषी नगर, ईदगाहभाठा, आमापारा, ताजनगर, तरुण नगर, मोवा, गाजीनगर, बैरनबाजार, मोमीनपारा, पारस नगर, पंडरी, सड्डू ईरानी डेरा और शक्तिनगर जैसे इलाकों में छापे मारे थे और सवा सौ लोगों को प्रतिबंधित एप के उपयोग के मामले में हिरासत में ले लिया था। जिन्हें हिरासत में लिया गया, उनमे होटल कारोबारी, प्रिंसिपल, अधिकारी और बुजुर्ग भी हैं।



