शराब स्कैम में आबकारी अफसरों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत… 23 सितंबर को विशेष अदालत में पेश होकर जमानत के लिए देंगे बांड…. शीर्ष कोर्ट ने 10 अक्टूबर तक शासन से जवाब मांगा, देखिए आदेश की कॉपी
शराब स्कैम में छत्तीसगढ़ की जांच एजेंसी आर्थिक अपराध अन्वेषण विंग (ईओडब्लू) ने जिन 28 आबकारी अफसरों का चालान में उल्लेख कर उन्हें आरोपी बनाया था, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें शुक्रवार को बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जयमाला बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने छत्तीसगढ़ के आबकारी अफसरों की अंतरिम जमानत मंजूर की है। मिली जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में 10 आबकारी अफसरों की ओर से जमानत याचिका लगाई गई थी। इनमें से आबकारी अफसर विकास गोस्वामी की याचिका पर शीर्ष कोर्ट के आदेश की प्रति द स्तम्भ को मिली है। छत्तीसगढ़ के डिप्टी एजी सौरभ पांडे तथा सीनियर एडवोकेट एसके फरहान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सभी 28 आबकारी अफसरों को राहत मिल गई है, जिन पर जेल की तलवार लटक रही थी। आदेश स्पष्ट है कि अफसरों को अगली तिथि यानी 23 सितंबर को रायपुर की विशेष अदालत में उपस्थित होना होगा। विशेष कोर्ट के आदेश के अनुसार सभी को जमानत के लिए बांड पेश करना होगा। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने साफ किया कि आदेश अंतरिम जमानत का है, जो उन्हें रायपुर की अदालत से ग्रांट होगी।
सुप्रीम कोर्ट में जमानत के याचिकाकर्ता अलग-अलग आबकारी अफसरों की और से सीनियर वकील मुकुल रोहतगी समेत दो दर्जन अधिवक्ता सुनवाई में शामिल हुए। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश कहा कि शासन समेत सभी प्रतिवादियों को इस मामले में 10 अक्टूबर तक अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा। इसी तरह, याचिकाकर्ताओं को ट्रायल कोर्ट (रायपुर की विशेष अदालत) में निर्धारित पेशी तारीख पर सरेंडर करना होगा। यह तारीख 23 सितंबर है। सभी याचिकाकर्ता अफसरों को अंतरिम जमानत के लिए इसी कोर्ट में बांड प्रस्तुत करने होंगे। वकीलों ने कहा कि आबकारी अफसरों को दी गई यह जमानत अंतरिम ही है। बता दें कि ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद सभी 28 आबकारी अफसरों के जेल जाने की स्थिति पैदा हो गई थी।
ईओडब्लू के चालान में जिन आबकारी अफसरों का नाम है, उनमें गरीबपाल दर्दी, नोहर सिंह ठाकुर, सोनल नेताम, अलेख राम सिदार, प्रकाश पाल, एके सिंग, आशीष कोसम, जेआर मंडावी, राजेश जयसवाल, जीएस नूरुटी, जेआर पैकरा, देवलाल वैद्य, एके अनंत, वेदराम लहरे, एलएल ध्रुव, जनार्दन कोरव, अनिमेष नेताम, विजय सेन, अरविंद कुमार पाटले, प्रमोद कुमार नेताम, राम कृष्णा मिश्रा, विकास कुमय गोस्वामी, इकबाल खान, नितिन खंडुजा, नवीन प्रताप, सौरभ बख्शी, दिनकर वासनिक, मोहित कुमार जयसवाल, नीलू नोतानी, मंजू कसेर शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट से जारी आदेश की प्रति






