बस्तर में बरसी आफत : झीरम घाटी में कार बही, माता-पिता और दो बच्चों की मौत… डूबे गांवों से 22सौ लोगों को निकालकर कैंप में पहुंचाया… साउथ कोरिया से मानीटरिंग कर रहे हैं सीएम
(यहीं कार बही जिसमें एक परिवार के चार ख़त्म)
बस्तर में पिछले 24 घंटे से जारी बारिश अब जानलेवा होने लगी है। बुधवार को झीरम घाटी के मुहाने पर सड़क पर तेज बहाव में एक कार बह गई। इस कार में माता-पिता और दो बच्चे थे और तेलंगाना से तीरथगढ़ जलप्रपात देखने जा रहे थे। राहत और बचाव अमले ने कार को काफी दूर ढूंढा तथा चारों शवों को निकाल लिया। दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और बस्तर के कुछ हिस्से बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। यहां रोजाना 8 इंच तक बारिश हो रही है, जिससे दर्जनों गांव डूब गए हैं। फोर्स के हेलिकाप्टरों तथा नौकाओं के साथ राहत दलों ने अब तक 22सौ लोगों को बाढ़ से निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया है। बारिश नहीं रुकने से हालात में सुधार नहीं हो रहा है। उधर, सीएम विष्णुदेव साय ने बुधवार को दक्षिण कोरिया से राज्य और बस्तर के कई अफसरों से बात की तथा राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ प्रभावितों, खासकर मृतकों के परिजन को तुरंत आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने के लिए भी कहा है।
छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश केवल बस्तर के चार जिलों में ही हो रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 26 और 27 अगस्त को सबसे अधिक वर्षा दंतेवाड़ा जिले में (लगभग 220 मिमी) दर्ज की गई है। सुकमा, बीजापुर और बस्तर (झीरम, दरभा तथा लगे क्षेत्र) में डेढ़-डेढ़ सौ मिमी से ज्यादा पानी बरस गया है। 25 गांव तो नदी-नालों के पानी से पूरी तरह डूब चुके हैं। झोपड़ियां छत तक डूबी हैं या ढह चुकी हैं। इन जिलों में 43 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। बाढ़ से अब तक एक परिवार के चार समेत 5 लोगों की मृत्यु की सूचना है। 17 मवेशियों के बहने की जानकारी अभी आई है। 86 मकान या तो बह गए हैं या धराशायी हो चुके हैं। सीएम साय ने बस्तर के लोगों से अपील की है कि वे प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आवश्यकता की स्थिति में तुरंत स्थानीय नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।



