राजधानी में बोर खुदाई पर तीन माह से लगा बैन हटा… अब अनुमति के लिए भटकने के बजाय सीधे करवा सकेंगे बोर
रायपुर समेत अधिकांश जिलों में बारिश के शुरुआत के साथ ही पिछले तकरीबन तीन माह से बोरिंग खुदाई पर लगाया गया प्रतिबंध हटा लिया गया है। गर्मी की शुरुआत यानी 1 अप्रैल से रायपुर में बोर उत्खनन पर प्रतिबंध लगाया गया था। तब से अब तक बोर के लिए कलेक्टर की अनुमति लेनी पड़ रही थी, लेकिन मापदंड इतने सख्त हैं कि सौ आवेदनों में इक्का-दुक्का को ही कई नियम पूरा करने पर अनुमति दी जा रही थी। प्रतिबंध के दौरान प्रशासन-पुलिस ने कई जगह अवैध बोर उत्खनन पर कार्रवाई की थी। बिना अनुमति के बोर उत्खनन पर काफी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इस वजह से राजधानी समेत पूरे जिले में प्राइवेट बोर खुदाई बंद हो गई थी। चोरी-छिपे खुदाई भी कार्रवाई के डर से नहीं के बराबर थी। इधर, रायपुर कलेक्टर डा. गौरव कुमार सिंह ने छत्तीसगढ़ पेयजल संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत लागू प्रतिबंध को हटाने के आदेश 1 जुलाई को जारी किए हैं। इसके बाद अब लोग निर्धारित नियमों का पालन करते हुए बोरिंग करा सकेंगे। हालांकि प्रशासन ने यह अपील भी की है कि अगर आपके पास जलस्त्रोत उपलब्ध है, तो बोर करवाने से बचना चाहिए। क्योंकि सीमित क्षेत्र में भूजल के अत्यधिक दोहन के गर्मी से पहले ही संकट पैदा होने लगा है।



