छत्तीसगढ़ में अब 1207 प्राइमरी स्कूल ही बचे, जहां एक टीचर… सीएम साय बोले- ये स्थिति भी तेजी से सुधरेगी

छत्तीसगढ़ में अब प्राइमरी से लेकर हायर सेकण्डरी तक कोई भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं रह गया है। यही नहीं, राज्य के 5936 प्राइमरी स्कूलों ने एक ही टीचर थे, लेकिन सीएम विष्णुदेव साय की युक्तियुक्तकरण की पालिसी के कारण एक टीचर वाले प्राइमरी स्कूलों की संख्या घटकर 1207 ही रह गई है। यह परिवर्तन युक्तियुक्तकरण के माध्यम से संभव हो सका है। इस सत्र से पहले तक प्रदेश में 453 विद्यालय शिक्षकविहीन थे।
इस विसंगति को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने जिला, संभाग और राज्य स्तर पर तीन चरणों में शिक्षकों की काउंसलिंग की प्रक्रिया चलाई। इसके परिणामस्वरूप, आज प्रदेश का कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है। सभी हाई स्कूलों में न्यूनतम आवश्यक शिक्षक नियुक्त किए जा चुके हैं। दरअसल सीएम विष्णु देव साय ने युक्तियुक्तकरण के जरिये स्कूलों में शैक्षिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए थे। सीएम साय ने यह भी स्पष्ट किया है कि एकल शिक्षकीय शालाओं की स्थिति में सुधार सरकार की प्राथमिकताओं में है और आगामी महीनों में पदोन्नति और नई नियुक्तियों के माध्यम से इन विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षक भेजे जाएंगे।
बता दें कि राज्य में एकल शिक्षक वाले प्राथमिक विद्यालयों में बस्तर जिले में 283, बीजापुर 250,सुकमा 186,मोहला -मानपुर – चौकी 124,कोरबा 89, बलरामपुर 94,नारायणपुर 64,धमतरी 37,सूरजपुर 47,दंतेवाड़ा 11,अन्य जिले में मात्र 22 शालाएं है। इनमें जल्द ही आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।



