कोबरा के बाप : युवक की सर्पदंश से मौत का 4 लाख मुआवजा लिया… अब बात खुली कि शायद जहर पीकर खुदकुशी थी… डेढ़ साल बाद पीएम के लिए शव कब्र से निकाला
छत्तीसगढ़ में ऐसा संभवतः पहली बार हुआ होगा, जब किसी सांप काटने में घपलेबाजी की आशंका है और मौत के डेढ़ साल बाद युवक का शव कब्र खोदकर निकालना पड़ा है। दरअसल बिलासपुर में बिल्हा के एक गांव के युवक की 14 नवंबर 2023 को जहर से मौत हुई। परिजन ने वकीलों और डाक्टर से मिलकर यह सिद्ध कर दिया कि मौत सांप काटने से हुई है। मृतक को दफ्ना दिया गया, सर्पदंश का 4 लाख रुपए मुआवजा भी मिल गया। इस बीच, गांव से होती हुई चर्चाएं प्रशासन के पास पहुंचीं कि युवक की मौत सांप के जहर से नहीं हुई थी, बल्कि उसने जहर पीकर खुदकुशी की थी। शुरुआती जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने इस मामले में मृतक के परिजन, पीएम रिपोर्ट बनाने वाले डाक्टर और एक वकील के खिलाफ चारसौबीसी का केस दर्ज किया है। युवक की मौत कैसे हुई, यह जांचने के लिए प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में पूरे गांव के सामने शव को मृत्यु के डेढ़ साल बाद कब्र खोदकर निकाला गया। शव पोस्टमार्टम के लिए बिलासपुर सिम्स भेजा गया है, ताकि पता लगाया जा सके कि मौत जहर पीने से हुई थी या सांप ने डसा था।
पुलिस ने जो केस दर्ज किया है, उसमें मृतक धृतलहरे के तीन परिजनों के साथ-साथ वकील कामता साहू और सिम्स की डा. प्रियंका सोनी को भी आरोपी बनाया गया है। धोखाधड़ी के लिए दफा 420 तथा आपराधिक साजिश के लिए दफा 120-बी लगाई गई है। पुलिस का कहना है कि मृतक के परिजन और वकील ने मिलकर मौत की वजह सर्पदंश स्टेबलिश की और पोस्टमार्टम करने वाली डाक्टर को भी मिला लिया। कुछ समय बाद परिजन ने सरकार से 4 लाख रुपए मुआवजा हासिल कर लिया। छत्तीसगढ़ में यह पहला केस होगा, जिसमें फर्जी सर्पदंश की बात आई है। चूंकि शव गल चुका है, इसलिए सच्चाई सामने आने में दो-तीन दिन लग जाएंगे। इसके बाद ही पुलिस का एक्शन हो सकेगा।


