मानसूनी चकमा : छत्तीसगढ़ में नौतपे में आकर दंतेवाड़ा में बुरे फंसे बादल… अब लगभग पूरे प्रदेश में गंदी उमस, एसी से ही राहत… मौसम अच्छा होने के आसार दो-तीन दिन नहीं
छत्तीसगढ़ में मानसून नौतपे के पांचवें दिन ही दंतेवाड़ा से दाखिल हुआ, तो पूरा प्रदेश चकित था कि ऐसा कैसे हो गया। कई तरह के कयास लगे, नौतपे में मानसून आने की वजह से जून-जुलाई के दरमियान बड़े ब्रेक की आशंकाएं भी जताई जाने लगीं। अभी जून है, जुलाई आने में समय है, लेकिन मानसून में ब्रेक लग गया है। बादल दंतेवाड़ा में ही अटक गए हैं और हल्के भी हुए हैं। बंगाल की खाड़ी सुस्त है, कोई सिस्टम नहीं बन रहा है। मानसून तीन दिन पहले जहां था, आज भी वहीं है। रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव से लेकर बिलासपुर तथा छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से में धूप तेज हो रही है। दोपहर का तापमान 37 डिग्री से ऊपर जा रहा है। अगले दो-तीन दिन तक मौसम विज्ञानियों के अनुसार जोरदार बारिश की संभावना नहीं है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक मध्य प्रांतों में दोपहर का तापमान बढ़ भी सकता है।
छत्तीसगढ़ में आमतौर से नौतपे की शुरुआत 25 मई और अंत 3 जून को माना जाता है। इस लिहाज से नौपते का आखिरी दिन बुधवार को है। सभी को पता है कि नौतपे के पांचवें-छठवें दिन से शाम को अंधड़ चलते हैं, बूंदाबांदी होती है। यह बढ़ती जाती है। पांच-सात तारीख को प्री मानसून और 10 जून के आसपास मानसून का ऐलान हो जाता है। लेकिन इस दफा सब उल्टा हुआ। नौतपे के पहले पांच दिन रोज शाम को जोरदार बारिश हुई। छठवें दिन से बारिश रुकी और आज, आठवें दिन यानी सोमवार को पूरा दिन तेज धूप में गुजरी है। नौतपा कल खत्म होगा, पर बारिश के आसार नहीं है। भविष्यवक्ता चिंतित हैं कि आर्द्रा नक्षत्र में बारिश नहीं हुई तो यह सीजन के लिए अच्छे संकेत नहीं है। बहरहाल, मौसम का कोई ठिकाना नहीं है। बंगाल की खाड़ी खामोश है, लेकिन एक सिस्टम बन गया तो बादल इतनी तेजी से छाने लगेंगे कि सारे पूर्वानुमान धराशायी भी हो सकते हैं। ऐसी उम्मीद अभी तो रखनी ही चाहिए।


