ठेकेदारों के लिए अहम खबर… दुर्ग-भिलाई में ठेका लेबर का पुलिस वैरिफिकेशन अनिवार्य… धीरे-धीरे सभी प्रमुख जिलों में आएगा यह सिस्टम
निर्माण से लेकर कारखानों तक जो भी ठेकेदार अपनी ओर से ठेका श्रमिक उपलब्ध करवा रहे हैं, उनके लिए यह अहम खबर है। यह पहल अभी दुर्ग पुलिस ने की है, लेकिन जिस तरह से अप्रवासियों का मामला चल रहा है, बहुत जल्दी ही प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों में जहां ठेका श्रमिकों की बहुलता है, वहां यह नियम लागू हो जाएगा। दरअसल दुर्ग के एसएसपी विजय अग्रवाल ने वहां के सभी ट्रेड यूनियनों को ठेकेदारों की बैठक लेकर साफ कर दिया है कि जितने भी ठेका श्रमिक हैं, ठेकेदारों का सबका पुलिस वैरिफिकेशन करवाना होगा। लेबर क्राइसिस में जब ठेकेदार कहीं के भी लेबर को काम पर लगा रहे हैं, उनके लिए यह अनिवार्यता बेचैन करनेवाली है। हालांकि इसे सुरक्षा के दृष्टिकोण से अच्छा कदम भी माना जा रहा है। दुर्ग पुलिस ने इस प्रकार के अवैध अप्रवासियों की सूचना देने के लिए एसटीएफ के फोन और मोबाइल नंबर भी जारी कर दिए हैं।
दुर्ग से आई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एसएसपी अग्रवाल ने बुधवार की शाम पुलिस कंट्रोल रूम में फिलहाल भिलाई स्टील प्लांट के सभी ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारियों की बैठक ली है। इस बैठक में अवैध अप्रवासियों की रोकथाम को लेकर मंथन किया गया है। एसएसपी ने बैठक में स्पष्ट कर दिया है कि दुर्ग में सभी ठेका श्रमिकों के दस्तावेजों की जांच और उनका पुलिस वैरिफिकेशन आज से अनिवार्य कर दिया गया है। इससे ऐसे श्रमिकों को रोका जा सकेगा, जो बिना किसी दस्तावेज के काम हासिल कर रहे हैं और सभी जगह मूव कर रहे हैं। फिलहाल उन्होंने भिलाई स्टील प्लांट में इस मामले में सख्ती बरतने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि अगर कोई लेबर अवैध अप्रवासी प्रतीत होता है, या उसके पास दस्तावेज नहीं है, तो ऐसे में इसकी जानकारी तुरंत नजदीकी थाने में देना चाहिए, ताकि पुलिस ऐसे श्रमिकों को सुरक्षा के दृष्टिकोण से तत्काल वैरिफाई कर सके।



