हेलिकाप्टर में सीएम बैठे और टेकआफ से ठीक पहले खराबी… गनीमत कि उड़ा नहीं था, पायलट ने सबको उतारा… सीएम दूसरे चापर से उड़े, अचानक कांकेर के गांव में उतर गए
कहने को तो वीआईपी के हेलिकाप्टर में खराब की खबरें आमतौर पर आती हैं और ज्यादातर मामलों में पायलटों को वीआईपी के बैठने से पहले ही खराबी का पता चल जाता है और वे तुरंत उड़ान कैंसिल करते हैं। लेकिन बुधवार को दोपहर पुलिस ग्राउंड में हुई घटना कुछ अलग थी। सीएम विष्णुदेव साय और उनकी टीम दोपहर 12 बजे पुलिस ग्राउंड पहुंची। हेलिकाप्टर तैयार था, सभी बैठ गए। हेलिकाप्टर के पंखे तेजी से घूमने लगे, सुरक्षाकर्मी हैंगर के किनारे आ गए। लेकिन टेकआफ से ठीक पहले पायलट को महसूस हुआ कि हेलिकाप्टर का हाईड्रोलिक सिस्टम गड़बड़ हो गया है। ऐसे में हेलिकाप्टर उड़ तो जाता, लेकिन लैंडिंग में खतरा था। इसलिए पायलट ने हेलिकाप्टर का इंजन तुरंत आफ किया। भीतर बैठे सीएम साय और उनकी टीम को बताया गया कि हेलिकाप्टर में खराबी आ गई है, इसलिए इसे नहीं उड़ाया जाएगा। सीएम ने हैंगर में ही दूसरे चापर का इंंतजार किया। तब चापर आया, तब करीब एक घंटे की देरी से सीएम साय और टीम यहां से बालोद के लिए निकले जरूर, लेकिन औचक निरीक्षण के लिए कांकेर के मांदरी में उतर गए। उनके साथ मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और सचिव डॉ. बसवराजू एस भी थे। हालांकि यह इलाका मुख्यालय से नजदीक था, इसलिए बस्तर कमिश्नर, कांकेर कलेक्टर समेत विधायक और नेता भी मांदरी पहुंच गए। सीएम साय गांव में खटिया में बैठकर चौपाल लगाए हुए हैं और लोगों से बातचीत कर रहे हैं। वे ग्रामीणों से बातचीत के आधार पर कुछ घोषणाएं भी करते जा रहे हैं।



