ज़ोर से आ रहा है… केरल में मानसून का तहलका, कर्नाटक-महाराष्ट्र का बड़ा हिस्सा रेड अलर्ट पर… ओड़िशा में भी चेतावनी, घनघोर घटाएं तेजी से छत्तीसगढ़ की ओर
जो ऐसा सोच रहे होंगे कि मानसून केरल भले ही आ गया हो, लेकिन कई बार वहां ऐसा अटकता है कि 20 दिन तक छत्तीसगढ़ की ओर नहीं आ पाता। ऐसे तमाम लोगों की भविष्णवाणियों पर इस बार मानसून ने पानी फेर दिया है। केरल में भारी वर्षा हो रही है और आश्चर्यजनक ढंग से कई शहरों में इतना पानी भरा है, जितना पिछले एक दशक में नहीं भरा। केरल के 11 जिले बारिश के रेड अलर्ट पर हैं। मानसूनी बादल तेजी से कर्नाटक और महाराष्ट्र की ओर बढ़ रहे हैं। दोनों प्रदेशों के कई जिलों में 28 मई से बारिश का रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है। बंगाल की खाड़ी में 29 तारीख को चक्रवात प्रबल होगा, जिससे बंगाल समेत पूरे नार्थ ईस्ट में भारी वर्षा की संभावना है। 29-30 मई से ओड़िशा का बड़ा हिस्सा भी भारी वर्षा की चपेट में आ जाएगा। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून करंट पूरे देश में तेजी से फैल रहा है। उम्मीद करिए कि छत्तीसगढ़ में मानसून काफी पहले यानी 10 जून से पहले भी आ सकता है।
छत्तीसगढ़ में मानसून बस्तर से दाखिल होता है, आमतौर से सुकमा और बीजापुर जिलों की ओर से। मानसून एक-दो दिन में कर्नाटक को कवर कर लेगा। इसके बाद आंध्र-तेलंगाना होते हुए घनघोर घटाओं को छत्तीसगढ़ में दाखिल होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। छत्तीसगढ़ में वैसे भी मानसून पूर्व की वर्षा शुरू हो गई है। मंगलवार की शाम राजधानी रायपुर में भारी गरज-चमक के साथ करीब पौन घंटे तक तेज बारिश हुई है, जिससे शहर की अधिकांश सड़कें जगह-जगह डूबी हुई नजर आई हैं। मानसूनी वर्षा के समय से पहले आने के कारण कंस्ट्रक्शन का काम प्रभावित हो सकता है, क्योंकि जैसी बारिश केरल और आसपास हो रही है, उसमें हर कंस्ट्रक्शन साइट पर काम बेमुद्दत रोकना पड़ सकता है। छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी की तैयारी जोरों पर है, लेकिन पिछले कई दिन से लगभग रोज बारिश हो रही है, इसलिए जोताई बहुत स्मूथ नहीं है।



