बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का नाम होगा गुरु घासीदास धाम… राष्ट्रीय तीर्थस्थल भी घोषित होगा… इसके लिए सरकार ने मांगी राय
छत्तीसगढ़ में सरकार बदलने के सवा साल बाद अब जिला-शहरों के नाम बदलने की शुरुआत होने जा रही है। यह तय है कि बलौदाबाजार-भाटापारा पहला जिला होगा, जिसका नाम बदलने जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन ने ने इस जिले का नया नाम सतनामी समाज के संत शिरोमणि के नाम पर गुरु घासीदास धाम फाइनल कर लिया है। यही नहीं, जिले का नाम बदलने के बाद इसे राष्ट्रीय तीर्थस्थल भी घोषित किया जाएगा। ऐसा नहीं है कि यह मामला केवल प्रस्ताव या विचारों में है। छत्तीसगढ़ के राजस्व विभाग ने इस सिलसिले में चिट्ठियां चलानी शुरू कर दी हैं। विभाग से चिट्ठी बलौदाबाजार जिला प्रशासन को गई है। इस चिट्ठी में कहा गया है कि जिले के तमाम आला अफसरों तथा सभी अनुविभागों बलौदाबाजार, भाटापारा, पलारी, सिमगा, कसडोल और गिरौद के अनुविभागीय अधिकारियों से जिले के नामकरण और राष्ट्रीय तीर्थस्थल घोषित करने के बारे में अभिमत लेकर भेजा जाए। इस आधार पर जिले में भी कार्रवाई शुरू हो गई है। जिला-शहरों के नाम बदलने की ज्यादातर प्रक्रिया भाजपा सरकारों में ही चलती है। गौरतलब है, कुछ वर्ष पहले भाजपा सरकार के ही कार्यकाल में इससे नजदीक के जिले कवर्धा का नाम बदलकर कबीरधाम किया था।



