अग्रवाल सभा के होली मिलन में चेंबर चुनाव गर्माया… दूसरी बड़ी बिजनेस कम्यूनिटी से प्रत्याशी नहीं बनाने का विरोध… 11 लोगों की कमेटी बनी, कल अग्रसेन भवन में बैठक
जय व्यापार पैनल ने एकता पैनल के कारोबारी नेताओं को मिलाकर अध्यक्ष के लिए सतीश थौरानी, महामंत्री के लिए अजय भसीन और कोषाध्यक्ष के लिए निकेश बरड़िया को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इधर, रविवार को प्रदेश में सबसे बड़ी रायपुर अग्रवाल सभा के होली मिलन समारोह में चेंबर चुनाव के नए प्रत्याशियों का मामला उठा है। अग्रवाल समाज से जुड़े कारोबारियों ने इस बात के प्रति कड़ा विरोध जताया है कि प्रदेश में सिंधी समाज के बाद दूसरी सबसे बड़ी बिजनेस कम्यूनिटी अग्रवाल समाज की है, लेकिन चेंबर के घोषित प्रत्याशियों में एक भी अग्रवाल कारोबारी नहीं है। इस मुद्दे पर गर्मागर्म बहस के बाद रायपुर अग्रवाल सभा के अध्यक्ष विजय अग्रवाल ने इस मुद्दे पर रणनीति तय करने के लिए 11 कारोबारी नेताओं की एक कमेटी बना दी है। इस कमेटी में राजीव अग्रवाल, योगी अग्रवाल, संजय चौधरी, कन्हैया अग्रवाल, कैलाश मुरारका और योगेश अग्रवाल आदि को शामिल किया गया है। यह कमेटी सोमवार को जवाहर नगर अग्रसेन भवन में बैठक करने जा रही है। बैठक का समय तय नहीं हुआ है।
प्रदेश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन छत्तीसगढ़ चेंबर आफ कामर्स में दो बड़े पैनल हैं। अमर पारवानी के नेतृत्व वाला जय व्यापार पैनल तथा श्रीचंद सुंदरानी के नेतृत्व वाला एकता पैनल। रविवार को घोषित प्रत्याशी संयुक्त रूप से दोनों पैनल से हैं। अध्यक्ष पद के उम्मीदवार थौरानी तथा कोषाध्यक्ष के प्रत्याशी निकेश बरड़िया एकता पैनल से हैं। मामला इसलिए गरमाया है कि प्रत्याशियों को संयुक्त न बताते हुए थौरानी और निकेश को जय व्यापार पैनल की सदस्यता देते हुए उन्हें प्रत्याशी घोषित किया गया है। दोनों प्रत्याशियों की जय व्यापार पैनल की सदस्यता के लेटर भी सार्वजनिक किए गए हैं। जय व्यापार तथा एकता पैनल के बीच की यह खींचतान अलग है। एकता पैनल से पिछला चुनाव बेहद ताकतवर तरीके से लड़ा गया था। तब योगेश अग्रवाल इस पैनल के अध्यक्ष के प्रत्याशी थे और अमर पारवानी जय व्यापार पैनल से। मुकाबले में पारवानी समेत जय व्यापार पैनल के उम्मीदवार जीते थे, लेकिन एकता पैनल ने मजबूत चुनाव लड़कर व्यापारियों में अपना तगड़ा प्रभाव छोड़ा था। माना जा रहा है कि इसीलिए इस दफा दोनों पैनल को संयुक्त रूप से मिलाकर चुनाव की रणनीति बनी थी, लेकिन थौरानी और बरड़िया को जय व्यापार पैनल में सदस्यता देकर उतारने से नया पेंच फंस गया।
बहरहाल, रविवार को होली मिलन समारोह में अग्रवाल समाज से जुड़े सैकड़ों कारोबारी शामिल हुए थे। बहुत सारे लोगों ने इस बात पर रोष जताया कि चेंबर में अग्रवाल समाज के कारोबारियों की सदस्य संख्या बहुत अधिक है, इसके बावजूद एक भी कारोबारी को प्रत्याशी नहीं बनाया गया है। इस मामले को चेंबर चुनाव में काफी आगे ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है। यही वजह है कि अग्रवाल सभा के अध्यक्ष विजय अग्रवाल ने समिति ही गठित कर दी है, जो इस मामले में आगे की रणनीति तय करेगी। बताते हैं कि कल दोपहर एकता पैनल के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों की मीटिंग भी होनी है। उस मीटिंग में भी यही मुद्दा उठने वाला है।



