पीडब्ल्यूडी के 13 अफसरों को नोटिस… सीएम हेल्पलाइन पर लापरवाही, सीएम के सख्त तेवर के बाद एक्शन… सीधे सचिव बंसल को देना होगा जवाब
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों को बिना जांचे-परखे बंद किए जाने पर पीडब्लूडी के 13 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। हेल्पलाइन को लेकर सीएम विष्णुदेव साय के कड़े तेवर के बाद यह एक्शन हुआ है और सभी अफसरों से शासन ने इस लापरवाही पर जवाब मांग लिया है। जवाब भी सीधे पीडब्ल्यूडी सचिव आईएएस मुकेश बंसल को प्रस्तुत करना होगा। इस कार्रवाई से पूरे पीडब्ल्यूडी महकमे में खलबली मच गई है। जिन अफसरों को नोटिस दिया गया है, उनमे 3 अधीक्षण अभियंता (SE), 5 कार्यपालन अभियंता (EE) और 5 अनुविभागीय अधिकारी SDO) शामिल हैं।
अधिकृत सूत्रों के अनुसार सीएम हेल्पलाइन पर अगस्त और सितम्बर में पीडब्ल्यूडी से संबंधित शिकायतों की समीक्षा में पाया गया कि एल-1, एल-2 और एल-3 स्तर पर शिकायतों का समाधान नहीं किया गया है। इसलिए विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग उप संभाग बिलासपुर के एसडीओ अतुल राज पेगवार, बेमेतरा के अनुविभागीय राजेश कुमार बाजपेयी, पेंड्रा के जगदीश प्रसाद, दुर्ग के अशोक कुमार हरियाले और पाटन की एसडीओ सोनल ढालेन्द्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसी तरह बेमेतरा ईई केशव प्रसाद लहरे, कोरबा के घासीराम जांगड़े, राष्ट्रीय राजमार्ग बिलासपुर के रोशन कुमार साहू, सारंगढ़ के प्यारे लाल पैकरा और कांकेर की ईई प्रज्ञा नंद को कारण बताओ नोटिस दिया गया है।
इनके अलावा सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों को एल-3 स्तर पर बिना सारगर्भित टीप के बंद किए जाने पर रायपुर के अधीक्षण अभियंता (एसई) डी.के. नेताम, दुर्ग की अर्पणा चौरपगार तथा राष्ट्रीय राजमार्ग बिलासपुर के एसई महादेव लहरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। लोक निर्माण विभाग ने इन सभी अफसरों के कार्य को कर्त्तव्य पालन में लापरवाही और पदीय कर्त्तव्यों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया जाना मानते हुए नोटिस दिया है। अफसरों को अपना लिखित जवाब नोटिस मिलने के 15 दिनों में पीडब्ल्यूडी के सचिव को प्रस्तुत करना होगा। लिखित प्रतिवाद निर्धारित समयावधि में प्राप्त नहीं होने पर अधिकारियों के विरूद्ध एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।



