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लखमा छत्तीसगढ़ के पहले विधायक जो अपने गांव-प्रदेश में बैन… पेशी के कारण 6 फ़रवरी तक रुके, कल ही जाना होगा… सुकमा से लगे आंध्र, तेलंगाना, ओडिशा ऑप्शन ?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व आबकारी मंत्री
कवासी लखमा छत्तीसगढ़ के पहले विधायक हैं, जो अपने विधानसभा क्षेत्र तो दूर, प्रदेश में ही नहीं रहेंगे। कल 4 फरवरी को रायपुर सेंट्रल जेल से रिहाई के बाद उनके सुकमा में होने की सूचना है। यह छूट इसलिए मिली हुई है क्योकि 6 February को शराब स्कैम केस की पेशी है और तब तक की इजाज़त है। कल यानी शुक्रवार की रात तक लगातार चार बार के विधायक लखमा को छत्तीसगढ़ छोड़ देना होगा। इसके बाद समर्थक उनसे पेशियों में ही रायपुर में मिल पाएंगे। छत्तीसगढ़ विधानसभा से उन्हें बजट सत्र का औपचारिक निमंत्रण गया है, जो सब विधायकों को जाता है। संभावना है कि पूरे सत्र के दौरान लखमा रायपुर-छत्तीसगढ़ में रहें।
अब सवाल ये है कि
सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम ज़मानत की सबसे बड़ी शर्त यही है कि लखमा फिलहाल छत्तीसगढ़ में नहीं रह सकते। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वे छत्तीसगढ़ छोड़कर किस विशेष राज्य में रहेंगे। जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने कुछ समय अपने सुकमा स्थित निवास और कोर्ट की अगली पेशी (जो 6 फरवरी को निर्धारित है) के लिए समय मांगा था, जिसके बाद उन्हें राज्य छोड़ना होगा। लखमा किस राज्य में रहेंगे, इसे लेकर सबसे बड़ा अनुमान यही है कि उनके विधानसभा क्षेत्र कोंटा-सुकमा से ही तीन राज्यों आंधप्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा की सीमाएं लगती हैं। अर्थात्, ये तीनों राज्य उनके विधानसभा क्षेत्र से वॉकिंग डिस्टेंस पर हैं। ऐसे में संभव है कि वे इनमे से किसी राज्य में समय काटें। बता दें कि छत्तीसगढ़ के शराब स्कैम से जुड़े मामलों में कवासी लखमा को ईडी (ED) और एसीबी (ACB/EOW) द्वारा गिरफ्तार किया गया था। लगभग 379 दिनों तक जेल में रहने के बाद वे कल ही अंतरिम ज़मानत पर छूटे हैं।



