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कांग्रेस ने लगाया कम धान खरीदने का आरोप… ढाई लाख किसान नहीं बेच पाए धान, 15 दिन और खरीदी की जाए

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने सोमवार को भीड़भरी प्रेस कांफ्रेंस में इस साल धान कम खरीदने का आरोप लगाया है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बंद कर दी है, लेकिन अभी भी प्रदेश के लाखों किसान अपना धान नहीं बेच पाये है। इस साल सरकार ने मात्र 53 दिन ही धान खरीदा। अंतिम तिथि भी 31 जनवरी थी, लेकिन अंतिम 2 दिन शनिवार और रविवार होने के कारण खरीदी नहीं हुई। पूर्व में घोषित 75 दिन भी पूरी खरीदी नहीं की गई। इस वर्ष घोषित लक्ष्य 165 लाख टन था, लेकिन सरकार ने मात्र 139 लाख 85 हजार टन धान ही खरीदा है। पिछले साल ही 149 लाख टन धान खरीदा गया था, इस तरह पिछले साल के मुकाबले 9 लाख 15 हजार टन कम खरीदी की गई है।

प्रेस कांफ्रेंस में पीसीसी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, महामंत्री दीपक मिश्रा, वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर,  सकलेन कामदार, सुरेन्द्र वर्मा, अशोक राज आहूजा, अमरजीत चावला, प्रवक्ता सत्य प्रकाश सिंह, अजय गंगवानी उपस्थित थे। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि इस साल 27 लाख किसानों का पंजीयन हुआ था, जिसमें से 2.5 लाख किसान अपना धान नहीं बेच पाये। लगभग 5 लाख किसानो का एग्रीस्टेक पोर्टल की परेशानी के कारण पंजीयन नहीं हुआ। किसानों को धान बेचने से रोकने बिना सहमति जबरिया रकबा सरेंडर करवा दिया गया। पूर्व से जारी टोकन को निरस्त करवाया गया। हजारो किसान इस षडयंत्र का शिकार हुये। धान का टोकन नहीं मिलने, धान की खरीदी नहीं होने के कारण प्रदेश के महासमुंद, कवर्धा, कोरबा, जैसे स्थानों पर अनेको किसानों ने आत्महत्या का प्रयास किया। एक ने आत्महत्या भी की। यह बताता है कि प्रदेश में धान खरीदी के कारण किसान परेशान हुये। सिर्फ नारायणपुर, बलरामपुर, बस्तर में पिछले साल के लगभग बराबर धान की खरीदी हुई, शेष सभी जिलों में 5 प्रतिशत से लेकर 32 प्रतिशत तक कम खरीदी सरकार ने किया।

 

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