Rice Export : छत्तीसगढ़ में मंडी शुल्क छूट एक साल बढ़ी… सीएम साय का ऐलान, दिसंबर में खत्म हो गई थी छूट

छत्तीसगढ़ के चावल निर्यातकों यानी बड़े कारोबारियों के लिए राहत की अहम खबर है। साय सरकार ने मंडी शुल्क में छूट की अवधि एक साल बढ़ा दी है। इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में शनिवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नेयह घोषणा की है। आयोजन में सीएम के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे। बता दें चावल निर्यातक लंबे समय से मंडी शुल्क में छूट की मांग कर रहे थे। पिछले साल भी सरकार ने छूट दी थी। दिसंबर 2025 में मंडी शुल्क में छूट की अवधि खत्म हो गई थी। दरअसल छत्तीसगढ़ से वर्तमान में लगभग 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का निर्यात किया जा रहा है। ऐसे तमाम निर्यातकों को इस छूट से फायदा मिलेगा। सीएम ने कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय का भी शुभारंभ किया है।
सीएम साय ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान समय में ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और दंतेवाड़ा में ऑर्गेनिक चावल की खेती हो रही है, जिसे और प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है। यहां हजारों किस्मों की धान की प्रजातियां उगाई जा रही हैं। सरगुजा अंचल के सुगंधित जीराफूल और दुबराज जैसे चावलों का उल्लेख करते हुए सीएम साय ने कहा कि इनकी खुशबू दूर से ही पहचान में आ जाती है। छतीसगढ़ से चावल के एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। सीएम साय ने चावल पर केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने विभिन्न किस्मों के चावल, क्षेत्र विशेष में उत्पादित प्रजातियों, चावल उत्पादन में हो रहे नवाचारों तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने शासकीय स्टालों का भी निरीक्षण कर चावल के उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देने से जुड़े कार्यों की सराहना की।



