छत्तीसगढ़ में शराब फिर बेचेंगे ठेकेदार… सरकार शराब बिक्री से हाथ खींचने की तैयारी में… नई पालिसी पर जल्द शुरू होगा मंथन
छत्तीसगढ़ ने 2017 में डॉ रमन सिंह की सरकार के समय शराब बिक्री के लिए बंद किया गया ठेका सिस्टम फिर शुरू होने की संभावना है। तब सरकारी ने शराब ठेके और नीलामी की प्रक्रिया बंद कर दी थी और पूरा कारोबार आबकारी विभाग को सौंप दिया था। पिछले तीन-चार साल से सवाल उठ रहे थे कि जिस विभाग को शराब बिक्री पर नियंत्रण रखना चाहिए, जब वही बेचने लगेगा तो नियंत्रण कैसे करेगा। इसी दिशा में मंथन के साथ छत्तीसगढ़ की शराब नीति में बदलाव की चर्चाएं शुरू हुई हैं। अगर नया सिस्टम लागू हो गया तो इसी साल 1 अप्रैल से शराब ठेकेदार फिर नज़र आने लगेंगे।
पता चल रहा है कि आबकारी विभाग ने शराब बिक्री के लिए नई पालिसी का प्रस्ताव बनाया है। हालांकि इसपर अभी राज्य सरकार के स्तर पर चर्चा होनी है, क्योंकि सब कुछ वहीं फाइनल होना है। नई शराब नीति पर सरकार के सहमत होने के बाद इसे कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा। कारण यह बताया जा रहा है कि आबकारी विभाग पिछले साल कमाई के निर्धारित लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाया। 2024-25 में शराब से राजस्व का लक्ष्य 11 हजार करोड़ था जबकि सरकार लक्ष्य से 3 हजार करोड़ पीछे रही। जिसके बावजूद इस साल रेवेन्यू टार्गेट बढ़ा दिया गया है। इस साल आबकारी विभाग ने शराब से 12,500 करोड़ कमाई का लक्ष्य तय किया है। सूत्रों के अनुसार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए ही सरकार शराब नीति में बदलाव करने पर मंथन कर रही है। कुछ अफसरों का कहना है कि विभाग 2026-27 के लिए नई शराब नीति को अधिक पारदर्शी और व्यावहारिक बनाने की कवायद कर रही है। बताते हैं कि इसी के तहत पिछले महीने आबकारी सचिव सह आयुक्त आर संगीता के नेतृत्व में लाइसेंस धारकों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी हो चुकी है।



