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भूपेश बघेल को नेतृत्व वाले बयान पर पार्टी में ही घिरे रविंद्र चौबे… अनुशासनहीनता का प्रस्ताव पास कर दिया प्रदेश कार्यसमिति ने

कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में बुधवार को सुबह से शाम तक केवल पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे के बयान का ही मुद्दा छाया रहा। सुबह जिलाध्यक्षों की बैठक में जगदलपुर अध्यक्ष और दुर्ग अध्यक्ष के बीच तीखी नोकझोक हो गई। विवाद इस तरह बढ़ा कि नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसी बैठक में दीपक बैज ने चौबे के बयान का उल्लेख नहीं करते हुए यह कहकर अपने तेवर दिखा दिए कि-मुझे कमजोर नहीं समझा जाए। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में तो सीधे रविंद्र चौबे के ख़िलाफ़ अनुशासनहीनता का न सिर्फ़ प्रस्ताव आया, बल्कि पास भी कर दिया गया। इसी के साथ पार्टी में गुटबाजी की चिंगारी अब भड़कती दिख रही है। संकेत मिल रहे हैं कि बताया जा रहा है कि भूपेश को नेतृत्व वाले चौबे के बयान को अध्यक्ष बैज ने नज़रअंदाज़ करने के बजाय एक्शन की तैयारी शुरू कर दी है।
प्रदेश कांग्रेस की 31 सदस्यों वाली कार्य समिति में एक पदाधिकारी ने यह मुद्दा उठाया और कहा कि रविंद्र चौबे का भूपेश बघेल के जन्मदिन पर दिया बयान अनुशासनहीनता में आता है, इसलिए कार्रवाई होनी चाहिए। सूत्रों के अनुसार इस प्रस्ताव का सभी सदस्यों ने हाथ उठाकर प्रस्ताव का समर्थन किया। बैठक में कहा गया कि ऐसा बयान कोई और न दे, इसलिए चौबे के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा कुलदीप जुनेजा पर भी अब तक कार्रवाई नहीं किए जाने का मामला बैठक में उठा। बता दें कि कुलदीप जुनेजा ने अजीत कुकरेजा के कांग्रेस से निस्काषन खत्म करने को लेकर प्रदेश कांग्रेस के जिम्मेदारों के खिलाफ बयान बाजी की थी।

चौबे के इस बयान पर मचा है बवाल

पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के जन्मदिन पर कहा था कि छत्तीसगढ़ की जनता आज भी बघेल का नेतृत्व चाहती है। इस बयान से पार्टी में बवाल मच गया था। बाद में चौबे ने यू-टर्न लेते हुए कहा कि कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व में काम करती है। बैठक में इस बयान को अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की मांग भी उठी।

 

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