हर टीचर के लिए TET पास करना अनिवार्य… सुप्रीम कोर्ट ने दिया दो साल का वक्त… 5 साल में रिटायर होने वालों को ही छूट
देशभर में शिक्षक के रूप में सरकारी सेवाएं दे रहे हर शिक्षक के लिए सुप्रीम कोर्ट ने टीईटी (TET) परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ ने आदेश दिया कि शिक्षक के रूप में नियुक्ति के इच्छुक और पदोन्नति के इच्छुक सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) के लागू होने से पहले नियुक्त और पांच वर्ष से अधिक सेवा शेष रहे शिक्षकों के संबंध में न्यायालय ने शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए दो वर्ष का समय दिया है।
अहम फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरटीई एक्ट के तहत टीईटी परीक्षा देने की आवश्यकता अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों पर तब तक लागू नहीं होगी, जब तक कि वृहद पीठ अल्पसंख्यक विद्यालयों पर इस एक्ट की प्रयोज्यता के मुद्दे पर निर्णय नहीं ले लेती। बता दें कि 29 जुलाई, 2011 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCET) ने शिक्षक के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र होने हेतु टीईटी देना अनिवार्य कर दिया था। हालांकि कोर्ट ने ज़मीनी हक़ीक़तों को ध्यान में रखते हुए यह भी कहा कि जिन सेवारत शिक्षकों की सेवा अवधि पांच वर्ष या कम बची है और वे किसी तरह का प्रमोशन नहीं चाहते, उन्हें टीईटी परीक्षा देने की आवश्वयकता नहीं है।



